पिछले कई महीनों से नगरी क्षेत्र में हाथियों द्वारा उत्पात मचाये जाने की घटनाएं सामने आ रहे हैं,वन विभाग के प्रयासों के बावजूद, हाथी दल द्वारा धान की फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीणों पर भी हाथियों ने जानलेवा हमला किया। जिसमें युवक की जान भी जा चुकि है।
ताजा धटना 24-25 मई की दरमियानी रात, हाथियों के दल ने नगरी के ग्राम बोर्डरा के एक किसान के खेत में खडी आधा एकड धान की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
इसके बाद हाथियों का दल, ग्राम फरसियाँ के निर्राबेड़ा,नयापार पहुँचा। सूचना मिलने पर वन विभाग द्वारा बम,पटाखे फोडकर हाथियों के दल को गोरेगांव की ओर खदेड़ा व गोरेगांव के ग्रामीणों को सूचित किया गया।
हाथियों का दल आपके गांव की ओर आ रहा है। आप अपनी फसलों की सुरक्षा करें। वन विभाग सांकार रेंज के अधिकारी, कर्मचारियों ने भूख लगने की बात कह कर।अपनी जिम्मेदारी पूर्ण कर ली व सारी जिम्मेदारी ग्रामीणों के कंधे पर डालकर।
वे घर चले गए।
इसके बाद हाथियों के दल ने गोरेगांव के किसान थानेश्वर यदु राज व संतोष यादुराज के खेतों में पहुंच कर जमकर उत्पात मचाया व खडी फसल को नुकसान पहुँचाया।
पूर्व में फरसियाँ के किसान शिवदयाल साहू के खेतों में हाथियों का दल पहुंचा और धान की फसल के साथ सीमेंट की खंभों वाली बाढ़ को तहस-नहस कर दिया।
ग्रामीणों ने वन विभाग सांकरा के अधिकारी कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
*थानेश्वर यदुराज- गोरेगाँव वन क्षेत्र की रक्षा व देखभाल केलिये वन कर्मियों की नियुक्ति की गई है, पर उनमें से एक भी कर्मचारी गोरेगांव में निवासरत नहीं है ।जिसके चलते रात्रि में कोई घटना घटती है तो उन्हें पहुंचने में काफी विलंब हो जाता है। ऐसे में ग्राम वासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्राम वासियों की परेशानियों को देखते हुए वन विभाग को ऐसे कर्मचारियों की नियुक्ति की करनी चाहिए जो गांव में ही निवासरत हो।हर साल वन विभाग लाखों रुपए की कीमती लकड़ियों की कटाई करती है, ऐसे में वन विभाग की जिम्मेदारी है कि वन्यजीवों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था भी जंगल में ही करें। पानी और भोजन की तलाश में वन्य प्राणी ग्रामीण क्षेत्रों के रिहायशी इलाकों की ओर ना आए।
*संतोष यदुराज- 4 एकड़ धान की फसल में हाथीयों के झुंड द्वारा पूरे 1 एकड़ धान की फसल बर्बाद कर दिया गई ।वन विभाग के कर्मचारियों आए थे फोटो खींच कर ले गए हैं।