बडी खबर : छत्तीसगढ बना अपराधगढ : पुलिस ने किया ग्रामीणों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी : गर्भवती महिला के अलावा 3 ग्रामीण पुलिस की गोली में मारे गये : गोलीकांड की जांच के लिये जोगी कांग्रेस की टीम पहुंची घटना स्थल गांव सिलगेर, जांच टीम ने कहा – पुलिस ने ही ग्रामीणों की जमीन छीनी और विरोध किया तो गोली मार दी.. बीजापुर-सुकमा सीमा के नक्सल प्रभावित सिलगेर में ग्रामीण आदिवासियों पर चली पुलिस की गोली से बस्तर का माहौल गर्म हो गया है। हजारों की संख्या में ग्रामीण सीआरपीएफ के कैम्प का विरोध करने खड़े हो रहे हैं। आज अमीत जोगी के निर्देश पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी का जांच दल सिलगेर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मिला। जांच समिति ने कहा है, सुरक्षाबलों ने ही ग्रामीणों से उनकी पट्टे की जमीन छीन ली। विरोध किया तो पहले उन्हें नक्सली कहकर प्रताड़ित किया गया फिर गोली चलाकर तीन लोगों को मार डाला। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी के बस्तर कोर कमेटी अध्यक्ष टंकेश्वर भारद्वाज, संभागीय संयुक्त महासचिव नरेन्द्र भवानी, अजीत जोगी युवा मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष संतोष सिंह, दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष सुजीत कर्मा और पदेड़ा के सरपंच गुड्डु ने आज अपनी रिपोर्ट भी प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को सौंप दी। जांच दल की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाबलों ने 11 मई की आधी रात के बाद सिलगेर में तीन परिवारों के लगभग 25-30 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। दूसरे दिन गांव के 25-30 लोग वहां गए और पूछा कि गांव की पट्टे की जमीन पर कब्जा क्यों किया गया है। सुरक्षा बलों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। 13 मई को गांव के पूरे लोगों ने कैम्प से कुछ दूरी पर आंदोलन शुरू किया। वाहा भी मारपीट कर भगाया गया 14 मई को ग्रामीणों पर लाठीचार्ज हुआ। कई लोग घायल हुए। जहां पुरुष सुरक्षाबलों द्वारा महिलाओ को भी बेदर्दी से डंडो के साथ मारा गया ! 17 मई को भी ऐसा ही विरोध प्रदर्शन चल रहा था, तभी सुरक्षाबलों ने गोली चला दी। तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। भगदड़ में गिरने से एक गर्भवती महिला घायल हो गई। 25 मई को उसकी भी मौत हाे गई। जांच दल ने कहा, गोलीबारी के बचाव में पुलिस ने नक्सली होने का जो बयान दिया था वह झूठा है। जांच दल ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। 6 लोगों को पुलिस पकड़ ले गई 17 मई की गोलीबारी और भगदड़ के बाद गांव के 6 लोग लापता थे। बाद में पता चला कि पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था। जिन्हें लगभग 7 दिन जेल में रहने के बाद अब जमानत पर छोड़ा गया है।