Notice: Trying to get property 'alias' of non-object in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/components/com_k2/router.php on line 292
Shourya Path News - मृत घोषित तीन साल की बच्ची, अंतिम संस्कार के समय हुई जिंदा, घंटों बाद फिर मर गई

Notice: Undefined property: Joomla\CMS\Object\CMSObject::$id in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/plugins/k2/sppagebuilder/sppagebuilder.php on line 85

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/administrator/components/com_sppagebuilder/helpers/sppagebuilder.php on line 156

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/administrator/components/com_sppagebuilder/helpers/sppagebuilder.php on line 156

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/administrator/components/com_sppagebuilder/helpers/sppagebuilder.php on line 156

Notice: Only variables should be assigned by reference in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/templates/ts_news247/html/com_k2/templates/default/item.php on line 23
Print this page

मृत घोषित तीन साल की बच्ची, अंतिम संस्कार के समय हुई जिंदा, घंटों बाद फिर मर गई

  • rounak group

       नई दिल्ली /शौर्यपथ  /तीन साल की बच्ची को पहले मृत घोषित किया, अंतिम संस्कार के समय वह जीवित हो उठी और कुछ घंटों बाद फिर से मर गई। ये बेहद हैरान कर देने वाला मामला मैक्सिको का है। डॉक्टरों ने गलती से बच्ची को मृत घोषित कर दिया था। लेकिन जब उसे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो जीवित हो उठी। स्थानीय अखबार एल यूनिवर्सल के मुताबिक यह घटना 17 अगस्त को मैक्सिको के विला डी रामोस में हुई थी। मृत बच्ची का नाम कैमिला रोक्साना मार्टिनेज मेंडोजा बताया गया है। लड़की की मां ने स्थानीय अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल ने उन्हें बताया था कि उनकी बच्ची की मृत्यु हो गई है।
बच्ची को पेट दर्द, उल्टी और बुखार के लक्षण पता चलने के बाद परिवार अस्पताल ले गया था। स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ ने लड़की की मां मैरी जेन मेंडोजो को उसे बड़े अस्पताल ले जाने के लिए कहा। लेकिन साथ ही डॉक्टर ने तीन साल की बच्ची को डिस्चार्ज करते समय पैरासिटामोल की प्रिस्क्रिप्शन भी दे दी। मां ने एल यूनिवर्सल को बताया कि कैमिला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी जिसके बाद वह उसे दूसरे डॉक्टर के पास ले गई। उस डॉक्टर ने दूसरी दवा दी और माँ से बच्ची को फल और पानी देने को कहा।
हालांकि, उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ जिसके बाद परिवार ने लड़की को अस्पताल के इमरजेंसी रूम में भर्ती कराया। न्यूयॉर्क पोस्ट ने मां के हवाले से बताया कि अस्पताल के स्टाफ ने लड़की को ऑक्सीजन देने में काफी वक्त लगा दिया। आउटलेट के अनुसार, लड़की को इंट्रावेनस फ्लूइड देने के 10 मिनट बाद, डॉक्टरों ने उसे हटा दिया और मेंडोजो से कहा कि वे उसे बचा नहीं सके।
डॉक्टरों ने लड़की की मौत का आधिकारिक कारण डिहाइड्रेशन को बताया। अगले दिन, जब अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, तो लड़की की मां मेंडोजा ने देखा कि उनकी बेटी के कॉफिन (ताबूत) में लगे एक कांच के पैनल में रहस्यमय तरीके से भाप जम गई थी। ठीक वैसे ही जैसे कोई शीशे के अंदर सांस ले रहा हो। पहले तो वहां मौजूद लोगों ने शुरू में उनकी बातों को खारिज कर दिया और कहा कि मां होने के नाते वह अपनी बच्ची की मौत को सहन नहीं कर पा रही हैं इसलिए ऐसा कह रही हैं। लेकिन बच्ची की दादी ने कैमिला की आँखों को हिलते हुए देखा और ताबूत खोलकर देखा तो पता चला कि उसकी नब्ज चल रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की को फिर से एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे पुनर्जीवित करने का असफल प्रयास किया और उसे फिर से मृत घोषित कर दिया। इस बार मौत का कारण सेरेब्रल एडिमा (मस्तिष्क की सूजन) बताया गया। मेंडोजा ने अब उन डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है जिन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया था। महिला ने एल यूनिवर्सल से कहा कि उनकी डॉक्टरों के खिलाफ कोई जाती दुश्मनी नहीं है, लेकिन वह चाहती हैं कि इस तरह की घटना "दोबारा न हो"। सैन लुइस पोटोसी स्टेट अटॉर्नी जनरल ने एक जांच शुरू की है।


Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home/u383106781/domains/shouryapathnews.m47.in/public_html/templates/ts_news247/html/com_k2/templates/default/item.php on line 308
Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ