नई दिल्ली / शौर्यपथ / बुलंदशहर सुदीक्षा भाटी की हत्या मामला अब उलझता हुआ प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर अंदेशा जताया है कि हादसे को जानबूझकर ट्विस्ट किया जा रहा है. बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार ने सुदीक्षा के साथ हुई छेड़छाड़ के दावे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा अभी तक छेड़खानी के कोई सबूत नहीं है और न ही सुदीक्षा के परिजनों ने इसकी कोई जानकरी अपनी शुरुआती शिकायत में बताई थी. परिजनों के दावों पर सवाल उठाते हुए एसएसपी संतोष कुमार ने कहा कि बयान के अनुसार हादसे के वक्त सुदीक्षा का नाबालिग चचेरा भाई बाइक चला रहा था, घटना के बाद जो तहरीर दी गई है उसमें छेड़खानी की कोई बात नहीं थी.
पुलिस के अनुसार सुदीक्षा के मामा ने जो तहरीर दी है उसमें छेड़खानी की कोई बात नहीं है. इसके बाद अगले दिन सुबह चाचा ने कहा कि मैं बाइक चला रहा था. लेकिन चाचा की लोकेशन समय दादरी थी. पुलिस ने बताया कि चाचा घटना के दो घंटे बाद वहां पहुंचे, उनका पूरा रुट चार्ट पुलिस के पास है. तीसरी तहरीर सुदीक्षा के पिता ने दी उसमें भी छेड़खानी की कोई बात नहीं है. इसके अलावा इस घटना का एक चश्मदीद भी मिला है. उसने भी कहा कि आगे टैंकर था पीछे बुलेट और उसके पीछे सुदीक्षा की बाइक थी. अचानक ब्रेक लगने की वजह से यह हादसा हुआ है.
अधिकारियों ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस ही सुदीक्षा को अस्पताल लेकर गई थी और ये आरोप लगाना गलत की हम छेड़खानी में केस दर्ज नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी SIT मामले की जांच कर रही है और इससे सब कुछ जल्द ही साफ हो जाएगा. पुलिस के अनुसार सुदीक्षा एक बहुत बड़ी छात्रवृत्ति के जरिए पढ़ाई कर रही थी और लोगों की निगाहें उसकी इंश्योरेंस रकम पर थी. संतोष कुमार सिंह के अनुसार परिजनों द्वारा छेड़छाड़ का दावा इंश्योरेंस की राशि के लिए किय़ा जा रहा है. उन्होंने परिवार द्वारा बार बार बयान बदलने के सवाल पर कहा कि जो लड़का बाइक चला रहा था वो नाबालिग है, उसने अभी ही हाईस्कूल की परीक्षा की है.