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उदय कोटक के चौंकानेवाले इस्तीफे पर आनंद महिंद्रा ने कहा, "उनकी कहानी का कोई अंत नहीं"

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  नई दिल्‍ली/शौर्यपथ /कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने अपना अपेक्षित कार्यकाल समाप्त होने से कुछ महीने पहले सीईओ और एमडी पद से इस्तीफा देकर वित्तीय जगत को हैरान कर दिया है. उदय कोटक ने निदेशक मंडल के अध्यक्ष प्रकाश आप्टे को संबोधित एक पत्र में कहा कि उन्होंने "तत्काल प्रभाव से" इस्तीफा दे दिया है. उदय कोटक के इस्‍तीफे से महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी हैरान हैं. इस मौके पर उन्‍होंने उदय कोटक से अपनी पहली मुलाकात की यादों को साझा किया.  
      आनंद महिंद्रा ने ट्वीट कर बताया, "मुझे याद है कि मैं पहली बार उदय से तब मिला था, जब वह लगभग 4 दशक पहले महिंद्रा उगीन स्टील में मेरे कार्यालय में आए थे और मुझे बिल-डिस्काउंटिंग संकाय की पेशकश की थी. उस समय मिश्र धातु इस्पात उद्योग संकट में था और मैंने उनसे पूछा कि वह जोखिम क्यों ले रहे हैं? उन्होंने जवाब दिया- 'मैंने कंपनी और प्रबंधन दोनों का अध्ययन किया है और निष्कर्ष निकाला है कि मेरा पैसा सुरक्षित रहेगा. उस समय वह केवल बीस वर्ष आसपास के थे, लेकिन मैंने उनमें एक बेहद समझदार व्‍यक्ति के लक्षण स्पष्ट रूप से देखे. मुझे अच्छी तरह से याद है कि मैंने उससे कहा था कि अगर उसे कभी आउटसाइड कैपिटल की जरूरत हो, तो मेरे पास वापस आना. मेरे बड़े सौभाग्य की बात है कि उसने ऐसा किया! और बाकी, जैसा वे कहते हैं, इतिहास है."
    उदय कोटक को शुभकामनाएं देते हुए, आनंद महिंद्रा ने कहा, "लेकिन उनकी कहानी की कोई अंतिम रेखा नहीं है." उदय ने भारतीय वित्तीय सेवा उद्योग पर प्रभाव का एक नया अध्याय शुरू किया है. यहां और भी रोमांच हैं, मेरे दोस्त!"
       शनिवार को, अपने इस्तीफे की घोषणा के समय, उदय कोटक ने ट्वीट किया, "कोटक महिंद्रा बैंक में उत्तराधिकार मेरे दिमाग में सबसे महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि हमारे अध्यक्ष, मैं और संयुक्त एमडी सभी को साल के अंत तक पद छोड़ना होगा. मैं इन प्रस्थानों को अनुक्रमित करके एक सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने का इच्छुक हूं. मैं अब यह प्रक्रिया शुरू करता हूं और स्वेच्छा से सीईओ पद से इस्तीफा देता हूं. बैंक प्रस्तावित उत्तराधिकारी के लिए आरबीआई की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. तब तक मेरे प्रिय सहयोगी दीपक गुप्ता एमडी और सीईओ के रूप में कार्य करेंगे. संस्थापक के रूप में, मैं कोटक ब्रांड से गहराई से जुड़ा हुआ हूं और गैर-कार्यकारी निदेशक और महत्वपूर्ण शेयरधारक के रूप में संस्थान की सेवा करना जारी रखूंगा. विरासत को आगे बढ़ाने के लिए हमारे पास एक बेहतरीन प्रबंधन टीम है. संस्थापक चले जाते हैं, लेकिन संस्था निरंतर फलती-फूलती रहती है."
       अपनी 38 साल की उल्लेखनीय यात्रा पर विचार करते हुए, उदय कोटक ने कहा, "बहुत समय पहले, मैंने जेपी मॉर्गन और गोल्डमैन सैक्स जैसे नामों को वित्तीय दुनिया पर हावी होते देखा था और भारत में ऐसी संस्था बनाने का सपना देखा था. इसी सपने के साथ मैंने 38 साल पहले फोर्ट, मुंबई में 300 वर्गफुट के कार्यालय में 3 कर्मचारियों के साथ कोटक महिंद्रा की शुरुआत की थी. मैंने अपने सपने को जीते हुए, इस यादगार यात्रा के हर हिस्से को गहराई से संजोया है. अब हम एक प्रतिष्ठित बैंक और वित्तीय संस्थान हैं, जो विश्वास और पारदर्शिता के बुनियादी सिद्धांतों पर बनाया गया है. हमने अपने हितधारकों के लिए पैसा बनाया है और 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां प्रदान की हैं. 1985 में हमारे साथ ₹10,000 का निवेश आज लगभग ₹300 करोड़ का हो गया. मुझे विश्वास है कि यह भारतीय स्वामित्व वाली संस्था भारत को एक सामाजिक और आर्थिक महाशक्ति में बदलने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी."

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