Print this page

भारतीय नौसेना को मिलेगा आधुनिक तकनीक वाला युद्धपोत 'इम्फाल', आज रक्षामंत्री करेंगे अनावरण

  • doing of business

        नई दिल्ली/ शौर्यपथ / भारतीय नौसेना की ताकत एक बार फिर से बढ़ने जा रही है. एक नया युद्धपोत भारतीय नौसेना के बेडे़ में शामिल होने जा रहा है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज युद्धपोत 'इंम्फाल' का अनावरण करेंगे. पहले युद्धपोत का नाम नार्थ ईस्ट के शहर इम्फाल के नाम पर रखा गया है. इस कैटेगरी के दो युद्धपोत पहले ही नौसेना में शामिल हो चुके हैं. अगले महीने नौसेना के बेड़े में शामिल होने वाले युद्धपोत इम्फाल को मुंबई के मझगांव शिपयार्ड ने बनाया है.
रक्षामंत्री करेंगे युद्धपोत 'इम्फाल' का अनावरण
       दिल्ली के कोटा हाउस में होने वाले प्रोग्राम में रक्षा मंत्री के साथ मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार भी मौजूद रहेंगे. इम्फाल कैटेगरी के दो युद्धपोत पहले से ही नौसेना की ताकत बढ़ा रहे हैं, अब तीसरा भी शामिल होने जा रहा है. खास बात यह है कि युद्धपोत इम्फाल के 75 फीसदी से ज़्यादा उपकरण देश में बने हैं. ये युद्धपोत राडार की पकड़ में भी नहीं आता है.
इतना लंबा और इतना वजनी है 'इम्फाल'
      'इम्फाल' KR कुल लंबाई 164 मीटर और वजन 7400 टन है. इस पोत पर 300 नौसैनिक एक साथ तैनात हो सकते हैं. इसकी स्पीड 55 किलोमीटर प्रति घंटा है. ये 42 दिन तक समुद्र में रह सकता है. इस युद्धपोत पर दो दो हेलीकॉप्टर भी तैनात हो सकते हैं. इसमें चार पावरफुल गैस टरबाइन लगे हैं. जमीन से हवा और जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल भी इस पर तैनात हैं. इस पर ब्रह्मोस और बराक के साथ ही दुश्मन की पनडुब्बी को नष्ट करने वाला रॉकेट लांचर भी मौजूद है. साथ ही 76 मिलीमीटर की गन भी है.
दुश्मन का खत्मा करना होगा और आसान
       पुराने युद्धपोत की तुलना में 'इम्फाल' कही ज़्यादा आधुनिक और शक्तिशाली है. इसके शामिल होने से नौसेना की ताकत कई गुना और भी बढ़ जाएगी. इसके बाद समंदर में चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सकेगा.

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ