नई दिल्ली/ शौर्यपथ / मणिपुर में सक्रिय उग्रवादी समूह यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट ने बुधवार को सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये और हिंसा त्यागने पर सहमति जताई. यूएनएलएफ मणिपुर की इंफाल घाटी में सक्रिय सबसे पुराना सशस्त्र समूह है. अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गयी... पूर्वोत्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के मोदी सरकार के अथक प्रयासों में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट ने आज नयी दिल्ली में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए."
ये हुए समझौते
2014 से अब तक 8,000 से अधिक उग्रवादी सरेंडर।
समझौतों से समाधान तक (कुल 09 महत्वपूर्ण शांति समझौते) :-
एएनवीसी समझौता(2014), एनएलएफटी/एसडी समझौता (2019),
ब्रू समझौता (2020), बोडो समझौता(2020), कार्बी समझौता (2021),
AFPSA की परिधि में कमी
असम:अब 70% से अधिक असम AFSPA से मुक्त
मणिपुर: के 7 जिलों के 19 पुलिस स्टेशनों को अशांत क्षेत्र की परिधि से बाहर किया गया
अरूणाचल प्रदेश : में अब केवल 3 जिलों और 1 अन्य जिले के 3 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों में AFSPA बचा
नागालैंड: नागालैंड में 8 जिलों के 18 पुलिस स्टेशनों से अशांत क्षेत्र अधिसूचना को हटाया गया
त्रिपुरा और मेघालय: यहां से AFPSA पूरी तरह से हटा लिया गया.
इस बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, "आज नयी दिल्ली में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के कुशल नेतृत्व में संभव हुआ." मुख्यमंत्री ने कहा, "उनके निरंतर मार्गदर्शन से, मणिपुर में शांति और प्रगति का एक नया युग शुरू हुआ है. कई लोग भाजपा सरकार के प्रति अपना भरोसा और विश्वास बढ़ा रहे हैं, जिससे अब विकास और प्रगति का एक अध्याय खुल गया है."