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"हिंद महासागर में हम चीन की हर हरकत पर नजर बनाए....", नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार

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    नई दिल्ली/शौर्यपथ/ नौसेना की बढ़ती ताकत का लोहा अब दुनिया मान रही है. आने वाले समय में नौसेना में कई नए और अत्याधुनिक हथियार शामिल होगें जो इसकी ताकत को और बढ़ाने वाला है. नौसेना की बढ़ती ताकत और आने वाले समय में इसकी चुनौतियों को लेकर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने अपनी बात रखी. उन्होंने चीन के साथ-साथ कतर के साथ भारत के संबंधों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में हम चीन की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं. नौसेना प्रमुख ने कहा कि कतर में जो भारतीय फंसे हैं उन्हें लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं चीन के बारे में उन्होंने कहा कि हम चीन पर नजर बनाए हुए हैं.
"हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं"
    नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार कतर में मौत की सजा पाए आठ पूर्व नौसैनिकों को वापस लाने का हरसंभव प्रयास कर रही है. बता दें कि कतर की एक अदालत ने भारत के आठ पूर्व नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई है. एडमिरल कुमार ने कहा कि हम उनके हित सुनिश्चित करने के लिए निकटता से काम कर रहे हैं.
26 नवंबर को सुनाई गई थी सजा
   उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को कतर की एक अदालत ने 26 नवंबर को मौत की सजा सुनाई थी. भारत ने कहा था कि वह इस फैसले से बेहद स्तब्ध है और इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है. मौत की सजा के खिलाफ अपील दायर की जा चुकी है और कतर की एक उच्च अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है। यह अपील जेल में बंद इन भारतीय नागरिकों की कानूनी टीम ने दायर की है.
     नौसेना प्रमुख ने कहा कि देश में जो हथियार बनेगा वह अच्छा होगा. हमे इसपर यकीन हैं. यूक्रेन और रूस में यही देखा गया है. खुद का बना हुआ हथियार बेहतर होता है. सप्लाई में कोई दिक्कत नही होती है. हम 2047 में विकसित भारत बनने जा रहा है. हमारी कोशिश है देश मे ही बने हथियार का इस्तेमाल करे.
                  इस बातचीत के दौरान उन्होंने महिला अग्निवीर की हत्या पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने महिला अग्निवीर की आत्महत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. इसकी जांच के लिये बोर्ड ऑफ इंक्वायरी बैठा दी गई है. हम लगातार ऐसी कोशिश करते रहते है कि ऐसी घटनाएं न हो. मनोवैज्ञानिक भी नौसेना के है जो लगातार नज़र रखते है. यह मामला दुर्भाग्यपूर्ण है. जो संभव होगा कार्रवाई करेंगे. जहां तक महिलाओं के पनडुब्बी में काम करने की बात है तो इसमें उनको खुद आगे आना होता है. उसके बाद टेस्ट होता है. कठिन ट्रेनिंग होता है उसके पास करने के बाद ही कोई पनडुब्बी में तैनात हो सकता हैं. इस पर कोई रोक नही हैं.

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