मुंबई / शौर्यपथ / मुंबई में वडाला GRP ने लोकल में यात्रा करने के लिए फर्जी QR कोड बनाने वाले शख्स का पर्दाफाश किया है. मामले में मुख्य आरोपी अनीस राठौड़ के साथ फर्जी QR कोड पर यात्रा करने वाले कुछ यात्रियों को भी गिरफ्तार किया गया है. वडाला GRP के वरिष्ठ निरीक्षक राजेन्द्र पाल ने बताया कि कुछ दिन पहले वडाला रेल स्टेशन पर दो यात्रियों को फर्जी QR कोड पर यात्रा करते पकड़ा गया था. मुंबई में ऐसे 6 स्टेशनों पर अलग-अलग मामले सामने आने पर पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सभी में अनीस राठौड़ का नाम सामने आया.
अनीस के घर पर दबिश दी गई तो उसके घर से कंप्यूटर और बाकी साहित्य जब्त हुए. अनीस ने पूछताछ में बताया कि वह 500 से 1000 रुपये लेकर फर्जी QR कोड बनाकर देता था. अब तक 500 के करीब लोगों को कोड बेच चुका है.
कोरोना काल में जो लोग सरकारी या अत्यावश्यक सेवा में हैं, उन्हें ही लोकल से यात्रा करने की इजाजत है. इसके लिए QR कोड बनाकर दिया जाता है. पता चला है कि अनीश से QR कोड लेने वाले ज्यादातर गरीब मजदूर हैं, जो खाने के स्टॉल पर काम करते हैं.