पटना / शौर्यपथ / बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले पूर्णिया जिले के बाल्मीकि समाज के एक नेता की हत्या का मामला गरमा गया है. मामले में मृतक के परिवार के लोगों ने पुलिस के समक्ष नामजद FIR दर्ज कराई है, जिसमें बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव पर हत्या का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल ने हत्या की तीखे शब्दों में निंदा की है, साथ ही अपने प्रमुख नेता और उनके भाई पर लगे आरोपों को निराधार बताया है. इसके साथ ही पार्टी ने मामले की सीबीआई से जांच की माँग की है.बिहार के आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा, 'पूर्णिया जिले के बाल्मीकि समाज के एक नेता की हत्या हुई है. RJD इस हत्या की घोर निंदा करता है. मृतक के परिजनों ने पुलिस के समक्ष FIR दर्ज कराई है जिसमें नेता प्रतिपक्ष तथा उनके बड़े भाई पर हत्या का आरोप लगाया गया है. हम इस आरोप को मजबूती के साथ नकारते हैं.'
आरजेडी नेता तिवारी ने कहा, 'विधानसभा का चुनाव सर पर है. ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष और उनके बड़े भाई को हत्या के मामले में नामजद अभियुक्त बनाने को हम एक गंभीर राजनीतिक साजिश के रूप में देख रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने इस मामले की जांच से कराने की मांग की है. संजय जी के इस बयान को हम मुख्यमंत्री जी की पार्टी का आधिकारिक बयान मान रहे हैं. हम जदयू की इस मांग का समर्थन करते हैं. हम भी मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि सरकार तत्काल इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपे. आरजेडी ने कहा कि साथ ही हम यह भी मांग करते हैं कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी न हो जाए तब तक मुख्यमंत्री, अपने तथा अपने सहयोगी दलों के नेताओं को अनर्गल बयान देने पर रोक लगाएं. हम आशा करते हैं कि नीति और नैतिकता की बराबर दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री जी हमारी बातों को गंभीरता से लेंगे.