नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में बहुत ज्यादा वक्त नहीं रह गया है और वहां चुनावी मैदान की तस्वीर भी कुछ-कुछ साफ हो गई है. हालांकि, आखिरी तस्वीर थोड़ी अलग बन रही है. बात गठबंधन की हो रही है. एनडीए गठबंधन का चेहरा यहां थोड़ा टेढ़ा हो गया है. इसे लेकर कुमार विश्वास ने चुटकी ली है.
उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा, 'भई ! राजनीति के मामलों में, मैं तो निरा अल्पबुद्धि हूं और भाई लोगों ने मेरी मूर्खता को सिद्ध भी कर दिया है, पर आप गुणी-ज्ञानी मित्रों को अगर कुछ समझ आ रहा हो तो मेरा भी मार्गदर्शन करें ताकि लोकतंत्र के एक नागरिक के नाते, मैं भी बिहार विधानसभा चुनाव के विषय में कुछ तो समझ सकूं.' इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें एक ही स्विचबोर्ड में ढेर सारे केबल लगे हुए हैं और सबकुछ बिल्कुल उलझा हुआ है.
इसके पहले एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'BJP और JDU मिलकर लड़ेंगे. LJP और BJP मिलकर लड़ेंगे. लेकिन LJP, JDU के ख़िलाफ़ लड़ेगी. लेकिन LJP, BJP के साथ गठबंधन में लड़ेगी. हालांकि चुनाव में LJP, JDU के ख़िलाफ़ लड़ेगी पर केंद्र में JDU व BJP के साथ रहेगी. LJP चुनाव बाद BJP और JDU या किसी के भी साथ सरकार बनाएगी. कुछ आया समझ?'
दरअसल, इस बार चुनावों में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड फिर बीजेपी के साथ मैदान में उतर रही है, लेकिन चिराग पासवान की पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी ने अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है. चिराग पासवान नीतीश के खिलाफ चुनाव में बिगुल बजा रहे हैं, लेकिन केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार में दोनों ही पार्टियां सहयोगी हैं. एलजेपी लगातार अपनी प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिखाती रहती है लेकिन अब तो वो चुनाव अलग लड़ रही है. चिराग पासवान ने इसके पहले बीजेपी के साथ बैठकें भी की थीं.
उधर, जेडीयू का भी कहना है कि उसका गठबंधन बीजेपी के साथ था, एलजेपी के साथ नहीं. चिराग पासवान ने भी मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी मजबूरीवश जेडीयू के साथ गठबंधन में थी क्योंकि नीतीश कुमार 2017 में महागठबंधन छोड़कर वापस एनडीए में आ गए थे. वहीं, बीजेपी जेडीयू के साथ गठबंधन कर रही है लेकिन उसका एलजेपी को लेकर भी कोई सख्त रुख नहीं है. ऐसे में कुल मिलाकर कहें तो बिहार में महागठबंधन का पूरा घालमेल हो गया है.