नई दिल्ली/शौर्यपथ /देश में इस बार हीट वेव का प्रकोप बीते सालों की तुलना में ज्यादा होगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने यह अनुमान जताया है. इससे निपटने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है. इसे लेकर आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रमुख कमल किशोर से अप्रैल-जून के दौरान बेहद संवेदनशील 23 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप झेलने की आशंका वाले क्षेत्रों में आपातकालीन हीट वेव एक्शन प्लान शुरू करने के मद्देनजर ख़ास बातचीत की.
कमल किशोर ने कहा कि 23 बेहद संवेदनशील राज्यों ने हीट वेव एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. साथ ही उन्होंने बताया कि हीट वेव से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले 200 शहरों और जिलों में भी हीट वेव एक्शन प्लान तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि तेज गर्मी और हीट वेव से प्रभावित होने वाले सभी राज्यों में हीट वेव कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.
अस्पतालों, स्कूलों और निर्माण कार्यों को लेकर सुझाव
एनडीएमए प्रमुख ने कहा कि तेज गर्मी का प्रकोप झेलने वाले राज्यों से कहा गया है कि वह अस्पतालों में गर्मी से होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए दवाइयों का जरूरी स्टॉक रखें. साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल की टाइमिंग में बदलाव जरूरी होगा और जहां-जहां कंस्ट्रक्शन का काम हो रहा है, वहां श्रमिकों के काम के समय में भी बदलाव करना होगा.
इस बार हीट वेव का दो कारणों से ज्यादा खतरा
उन्होंने एनडीटीवी के साथ बातचीत में कहा कि 2023 दुनिया के इतिहास में सबसे गर्म साल रहा है. इस साल भारत में हीट वेव का खतरा ज्यादा बड़ा है और इसकी दो वजह है : पहला जलवायु परिवर्तन और दूसरा अल नीनो की स्थिति, जो अभी सक्रिय है. इसकी वजह से इस बार हीट वेव का प्रकोप अप्रैल और जून में ज्यादा रहेगा.
गर्मी को लेकर चुनाव आयोग को दी सलाह
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी ने चुनाव आयोग को सलाह दी है कि राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के दौरान जनसभाओं और रोड शो की टाइमिंग सोच समझकर तय करनी होगी, जिससे आम लोगों को ज्यादा गर्मी में न रहना पड़े. साथ ही चुनावी सभा में पीने का पानी और छायादार स्थान सुनिश्चित करना जरूरी होगा.
तेज गर्मी के दौरान ये करें उपाय
साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को भी तेज गर्मी से बचने के लिए पारिवारिक स्तर पर कई पहल करनी होगी. इसके लिए सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि हल्का भोजन करें, खुद को हाइड्रेटेड रखें, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच में बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें और हमेशा सिर को ढक कर रखें. उन्होंने कहा कि हीट वेव से बचने के लिए जन भागीदारी की बेहद जरूरी है.
10 से 20 दिनों तक हीट वेव का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग ने इस बार कई राज्यों में 4 से 8 दिनों की सामान्य अवधि के मुकाबले 10 से 20 दिनों तक हीट वेव का अनुमान जताया है. अप्रैल में सबसे अधिक हीट वेव वाले राज्यों में गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, इसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश शामिल हैं.