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चंद्रशेखर आजाद को INDIA' गठबंधन में जगह नहीं मिलने पर किसे नुकसान? खुद बताया

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नई दिल्ली/शौर्यपथ /लोकसभा चुनाव 2024को लेकर सभी दलों की तरफ से गठबंधन को अंतिम रूप दिया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक चर्चा थी कि आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद  इंडिया गठबंधन के साथ होंगे. हालांकि अंतिम समय में दोनों की बात नहीं बनी. चंद्रशेखर आजाद अब अपनी पार्टी के सिंबल पर नगीना सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने भी उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारा है. एनडीटीवी के साथ बात करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मैंने हमेशा से इंडिया गठबंधन को सहयोग किया लेकिन उन्हें बीजेपी से लड़ने की चिंता से अधिक हमारी चिंता है.
चंद्रशेखर ने कहा कि हम गरीब पिछड़ों के लिए लड़ रहे है, लेकिन कहीं हमारे लिए कोई आवाज नहीं उठाता है. मेरे ऊपर हमला हुआ तो किसी ने भी विधानसभा में भी आवाज नहीं उठाया. इसलिए हमने फैसला लिया है कि अब हमारी पार्टी हर जगह चुनाव लड़ेगी.
हमारा संगठन हर जगह है: चंद्रशेखर
चंद्रशेखर ने दावा किया कि अगर इंडिया गठबंधन की तरफ से उन्हें सहयोग दिया जाता तो वो 542 सीटों पर इंडिया गठबंधन को लाभ पहुंचाते. लेकिन उनलोगों ने मुझे अकेला छोड़ दिया. लेकिन मैं उनका धन्यवाद करना चाहूंगा.  क्योंकि अगर वो मेरा साथ नहीं छोड़ते तो मैं इतनी मेहनत नहीं कर पाता.  मुझे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी खुद को साबित करने के लिए.  गरीब, कमजोर की आवाज संसद में जाए इसके लिए हम संघर्ष कर रहे हैं. मुझे मदद की उम्मीद थी, लेकिन मुझे उनके कोई शिकायत नहीं है. मैं ठोकर खाकर सीख रहा हूं.
मायावती ने बहुत काम किया है: चंद्रशेखर
आकाश आनंद द्वारा नगीना में आकर विरोध करने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि वो मेरे छोटे भाई की तरह हैं. बड़ा भाई का कर्तव्य है कि वो छोटे भाई को माफ कर दे. साथ ही उन्होंने कहा कि मायावती ने बहुत काम किया है, इसलिए मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं.  लेकिन उन्होंने हमेशा अपने आस पास के लोगों के बहकावे में आकर मुझपर आरोप लगाए. मैंने हर आरोपों को गलत साबित किया है.
इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना
मायावती के प्रति नरमी दिखाते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि इंडिया गठबंधन के दलों को लगा कि बहन जी थोड़ा कमजोर होंगी तो दलित समाज को बांटा जा सकेगा. हम उन्हें अपने खेमे में ले सकेंगे. लेकिन इनको ये नहीं पता कि हम खुद के आंदोलन को मजबूत करना जानते हैं. पहले दलितों के पास बहन जी नाम का बड़ा पेड़ था. लेकिन अब चंद्रशेखर नाम का छोटा पेड़ उनके साथ है. किसान हो या महिला पहलवान चंद्रशोखर सबके लिए लड़ा है.  इंडिया गठबंधन ने बहुत बड़ी-बड़ी बात कही कि हम हर उस सीट से उसको लड़ाएंगे जो बीजेपी को हरा रहा हो.  हम उसकी मदद करेंगे जो भाजपा को मात दे सके. लेकिन क्या उनलोगों ने ऐसा किया.
"मैं बीजेपी से लड़ रहा हूं और विपक्ष मुझसे लड़ रहा है"
चंद्रशेखर ने कहा कि अगर आप दो तरह की बात करते हो तो समाज भी देखता है.  मैं आपको कहता हूं कि जनता बड़ी समझदार है. मैं भाजपा से लड़ रहा हूं विपक्ष मुझसे लड़ रहा है. जनसमर्थन हमारे साथ है. कोई भी समाज तब तक तरक्की नहीं करेगा. जब तक वो सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेगा. जब तक मंडल कमीशन नहीं आया तब तक उनके बच्चे आईएएस आईपीएस वकील तक नहीं बने. दलित समाज को भी जब कर अवसर नहीं मिलेगा. आरक्षण की वजह से तब तक उनको भी वो अवसर नहीं मिलेगा.
सपा ने दलित समाज से वादा पूरा नहीं किया: चंद्रशेखर
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि 2012 का घोषणापत्र देखा था सपा का.उन्होंने 18 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया था. अब वो आरक्षण कहां है. लेकिन जिनकी सरकार है वो उनसे भी 4 कदम आगे हैं. वो मुसलमान की लठ बजा रही है.  लेकिन जनता समझ रही है. बीजेपी आरएसएस अगर मुसलमानों को, दलितों को, किसानों को पीटेगी तो उनको मेरा समना करना पड़ेगा जनसमर्थन हमारे साथ है.
लोकतंत्र में हार जीत लगी रहती है: चंद्रशेखर आजाद
लोकतंत्र में हार जीत होती है.  ये एक सीट बस शुरुआत है. जाति के आधार पर अन्याय हो रहा है.  आज भी 80 करोड़ जनता को फ्री में खाना देने वाले से सवाल है कि आपने क्या किया जनता के लिए मैं अकेले ही जीतकर गरीब पिछड़ो के बहुत कुछ करूंगा.

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