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Shourya Path News - 'बच्चियों को मारकर पकाता था वो...' सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में बोली CBI

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'बच्चियों को मारकर पकाता था वो...' सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में बोली CBI

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नई दिल्ली/शौर्यपथ /निठारी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा नौकर सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने का परीक्षण करेगा. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और सीबीआई की याचिका पर नोटिस जारी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को नोटिस जारी किया और पहले से लंबित मामले के साथ इसे भी जोड़ा है. राज्य/सीबीआई की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि वह एक सीरियल किलर है.
लड़कियों को मार पकाता था उनका मांस
वकील तुषार मेहता ने कहा कि वो छोटी लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाता था और फिर उनकी हत्या कर उनका मांस भी पकाता था. ट्रायल कोर्ट ने मौत की सज़ा सुनाई थी, इसे पलट दिया गया है. ये वाकई भयानक है. चार मई को सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के निठारी हत्याकांड में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरी किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार/ CBI से जवाब मांगा था.
हाई कोर्ट ने पलटा था निचली अदालत का फैसला
जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बरी किए गए आरोपी को भी नोटिस जारी किया. पीठ पीड़ित लड़कियों में से एक के पिता द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी हत्याकांड से संबंधित कुछ मामलों में  पंढेर और सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था. हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उसको दी गई मौत की सज़ा को पलट दिया था.

आरोपियों को किन मामलों में किया गया बरी
हाईकोर्ट ने कोली को 12 मामलों में और पंढेर को 2 मामलों में बरी कर दिया था जबकि उन्हें पहले हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और इन मामलों में ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील के अनुसार, हाईकोर्ट ने मेडिकल साक्ष्य के साथ-साथ मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए गए आरोपी के न्यायिक कबूलनामे को गलत तरीके से खारिज कर दिया.
क्या है निठारी हत्याकांड मामला
निठारी हत्याकांड 2005 और 2006 के बीच हुआ था. यह मामला दिसंबर 2006 में लोगों के ध्यान में आया जब नोएडा के निठारी गांव में एक घर के पास नाले में कंकाल पाए गए. इसके बाद पता चला कि मोनिंदर सिंह पंढेर घर का मालिक था और कोली उसका नौकर था. सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और अंततः कई मामले दर्ज किए. सभी मामलों में सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और सबूतों को नष्ट करने सहित विभिन्न आरोपों में आरोपी बनाया गया था.
मोनिंदर सिंह पंढेर को अनैतिक तस्करी से संबंधित एक मामले में आरोपित किया गया था. कोली को अंततः विभिन्न लड़कियों के साथ कई दुष्कर्म और हत्या करने का दोषी ठहराया गया और 10 से अधिक मामलों में मौत की सजा सुनाई गई. जुलाई 2017 में, सीबीआई अदालत ने पंढेर और कोली को 20 वर्षीय महिला पिंकी सरकार की हत्या के लिए दोषी ठहराया और उन्हें मौत की सजा सुनाई थी.


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