नई दिल्ली / शौर्यपथ /दिल्ली में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में बेड्स की संख्या को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को पत्र लिखा है. पत्र में केजरीवाल ने केंद्र सरकार के अस्पतालों में 1,092 बेड्स बढ़ाने को कहा है जिनमें 300 आईसीयू बेड्स भी शामिल हैं. केजरीवाल ने डॉक्टर वीके पॉल समिति की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए लिखा है कि समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में 11,909 मामले प्रतिदिन सामने आ सकते हैं, जिसके लिए 20,604 बेड्स की जरूरत होगी.
पत्र में लिखा है कि एंपावर्ड ग्रुप की तीसरी रिपोर्ट के हिसाब करीब 4900 बेड्स की कमी है, जिनकी संख्या दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पतालों में बढ़ानी होगी. बता दें कि दिल्ली में कुल कोरोना बेड की संख्या 16508 है. ऐसे में मौजूदा स्थिति की बात करें तो कोरोना एप के मुताबिक, 11 नवंबर को दोपहर 1 बजे तक दिल्ली में 8487 बेड पर मरीज भर्ती है जबकि 8021 बेड अभी खाली पड़े हैं.
वहीं कोविड -19 आईसीयू बेड की बात करें तो वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बेड की कुल संख्या 1270 है, जिसमें से 1108 आईसीयू बेड पर मरीज भर्ती हो चुके हैं जबकि 108 आईसीयू बेड ही अब खाली पड़े हैं. इसके साथ ही कोविड-19 के बिना वेंटिलेटर के आईसीयू बेड की संख्या की बात करें तो इनकी कुल संख्या 2066 है, जिसमें से 1718 आईसीयू बेड पर मरीज भर्ती है जबकि 348 बेड खाली पड़े हैं.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक, 'बेड्स बढ़ाने के लिए हमने केंद्र को चिट्ठी लिखी है. केंद्र सरकार ने दो-ढाई महीने पहले कहा था कि एक हजार के करीब बेड बढ़ाए जाएंगे. हमने चिट्ठी लिखकर कहा है कि केंद्र अपने कोरोना अस्पतालों में ये हजार बेड्स बढ़ाए और साथ ही 300 के करीब आईसीयू बेड्स भी बढ़ाए जाएं.'