नई दिल्ली / शौर्यपथ / अयोध्या में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा 2017 में दीपोत्सव मनाने की शुरुआत के बाद अब तक दीपों की संख्या में लगभग चार गुना की वृद्धि हुई है, इसलिए अयोध्या की इस बार की दीवाली कुछ खास होगी, क्योंकि नगर का 16 शृंगार किया जा रहा है. इस अवसर पर अयोध्या के 24 घाट दीये की रोशनी से जगमगाएंगे. खास बात यह है कि दीवाली में कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए इसके अनुपालन के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं.
दीपोत्सव पर इस बार भगवान राम की नगरी अयोध्या 5 लाख 51 हजार से ज़्यादा दीपों से जगमगाएगी और गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अयोध्या अपना नाम दर्ज कराएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में अयोध्या में दीपोत्सव मनाने की शुरुआत की थी, और 1 लाख 65 हजार दीप जलाए गए थे. वर्ष 2018 में 3 लाख 150 दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके बाद 2019 में 5 लाख 51 हजार दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बना था.
इस बार अयोध्या में 24 घाटों पर छह लाख दीये प्रज्वलित किए जाएंगे, जिनमें 29 हजार लीटर तेल इस्तेमाल होगा. दीयों की रोशनी से जगमग अयोध्या को जगमग करने के लिए 7.5 लाख किलो रुई का इस्तेमाल भी होगा. राममंदिर बनने के निर्णय के बाद से दीपोत्सव के लिए रामनगरी के साधु-संत और भक्त उत्साहित हैं. अयोध्या में त्रेतायुग जैसी दीवाली मनाने की परंपरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में शुरू की थी, तब से हर साल यहां दीप प्रज्वलन का नया रिकॉर्ड बन रहा है.