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हेड कॉन्स्टेबल से OTP पाकर ASI बनीं सीमा ढाका, ढाई महीने में ढूंढे थे 76 गुमशुदा बच्चे

  • rounak group

नई दिल्ली/ शौर्यपथ /कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में ढाई महीने के अंदर गुमशुदा 76 बच्चों को ढूंढ़ने वाली दिल्ली पुलिस की हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाका को प्रमोशन देकर असिस्टेंट सब इन्स्पेक्टर बनाया गया है. उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया है. ढाका ने जितने बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया है, उनमें 56 बच्चे 14 साल से कम उम्र के हैं. शामली के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली सीमा ढाका ऐसा प्रमोशन पाने वाली पहली पुलिसकर्मी बन गई हैं. फिलहाल उनकी तैनाती बाहरी दिल्ली के समयपुर बादली थाने में तैनात हैं.
एनडीटीवी से बात करते हुए सीमा ढाका ने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि पहली बार मुझे ही OTP मिल रहा है. मैने 2.5 महीनों में 76 बच्चों को रेस्क्यू किया है, जिसमें 56 बच्चे 14 साल से नीचे के हैं. मुझे सबसे ज़्यादा खुशी तब मिली, जब मैंने उन बच्चों को उनके मां-बाप से मिलाया."
कोरोना संक्रमण काल में इस काम को कैसे किया, पूछने पर सीमा ने कहा, "कोविड के दौरान ये करना मुश्किल था. डर भी लगा पर पुलिस में तो ये सब होता है. कुछ बच्चे पंजाब, बिहार , पश्चिम बंगाल से भी रेस्क्यू कराए हैं. कुछ बच्चों को अगवा किया गया था जबकि कुछ को नशे की लत में बरगला कर ले जाए गए थे." सीमा ने कहा कि उन्हें इस काम में परिवार का भरपूर सहयोग मिला. उन्होंने कहा, "मेरा एक बेटा है जिसकी उम्र 8 साल है. पति भी दिल्ली पुलिस में हैं. मुझे परिवार से बहुत सहयोग मिला."
इस बड़ी उपलब्धि पर सीमा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव की भी तारीफ की और कहा, "मुझे कमिश्नर साहब ने सराहा और वर्दी पर स्टार लगाया. मैं इस सफलता का श्रेय CP साहब, डीसीपी साहब और परिवार को दूंगी.आगे और भी इसी तरह मेहनत करूंगी. इससे काफ़ी खुशी मिली है." बता दें कि दिल्ली पुलिस कमिशनर ने ट्वीट कर सीमा की बहीदुरी को सलाम किया है. उन्होंने लिखा, 'महिला हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाका नए इंसेंटिव स्कीम के तहत तीन महीनों में ही 56 गुमशुदा बच्चों को बचाने पर आउट-ऑफ टर्न प्रमोशन पाने वाली पहली पुलिसकर्मी बनने के लिए बधाई की पात्र हैं. उनके जज्बे और इन परिवारों की खुशी लौटाने के लिए उनको सलाम.'

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शौर्यपथ

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