नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर आरोप लगाया कि सीआरपीएफ के नक्सल-विरोधी ऑपरेशन की योजना सही ढंग से नहीं बनाई गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन का कार्यान्वयन भी अच्छी तरह से नहीं किया गया. शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर हुए माओवादी हमले में सीआरपीएएफ के 22 जवान शहीद हो गए थे, वहीं 31 जवान घायल हैं और एक जवान लापता है.
सीआरपीएएफ के डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह ने एक बयान दिया था कि यह घटना इंटेलीजेंस फेलियर की वजह से नहीं हुई है. इसपर राहुल गांधी ने सोमवार को ट्विटर पर उनके बयान की न्यूज क्लिपिंग का स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि 'अगर यह किसी तरह का इंटेलीजेंस फेलियर नहीं था तो मौतों का 1:1 अनुपात दिखाता है कि ऑपरेशन की योजना ढंग से तैयार नहीं हुई थी और इसका कार्यान्वयन भी अयोग्यतापूर्ण था. हमारे जवान तोपों की बारूद नहीं हैं कि उन्हें मर्जी पर शहीद होने के लिए भेज दिया जाए.'
उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि 'इंटेलीजेंस या ऑपरेशनल फेलियर की बात करने का कोई मतलब नहीं है. अगर गलत इंटेल होता तो सुरक्षाबल इस ऑपरेशन के लिए गया ही नहीं होता. और अगर ऑपरेशन में कुछ कमी होती तो इतने नक्सलवादी नहीं मारे जाते.'
अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में शहीद हुए 22 जवानों में सीआरपीएफ के आठ जवान शामिल हैं, जिसमें से सात कोबरा कमांडो से जबकि एक जवान बस्तरिया बटालियन से है. शेष डीआरजी और विशेष कार्यबल के जवान हैं. उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर अब भी लापता हैं. जानकारी है कि माओवादियों ने इस इलाके में सुरक्षाबलों के जवानों को तीन तरफ से घेर लिया था और कई घंटों तक उनपर मशीनगन और IED से हमला करते रहे.