नई दिल्ली /शौर्यपथ /कोलकाता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-खड़गपुर की एक प्रोफेसर के अपमानजनक व्यवहार के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. यह वीडियो आईआईटी बॉम्बे के छात्रों के एक समूह ने पोस्ट किए हैं. सूत्रों ने बताया कि संस्थान के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर को लेकर गंभीर हैं और उन्होंने कार्रवाई करने का वादा किया है. एक वीडियो में शिक्षक एक ऑनलाइन क्लास के दौरान अपने छात्रों को अपशब्द कहते हुए सुनी जाती हैं. वे बार-बार अपशब्दों का इस्तेमाल करती हैं और छात्रों को फेल करने की धमकी भी दे रही हैं.
प्रोफेसर को दो केंद्रीय मंत्रालयों- महिला और बाल कल्याण मंत्रालय या एससी / एसटी / अल्पसंख्यकों के मंत्रालय में शिकायत करने के लिए चुनौती देते हुए भी सुना जाता है. वे कहती हैं कि कोई भी उनका निर्णय नहीं बदल सकेगा.
पोस्ट में कहा गया है कि मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर सीमा सिंह एससी / एसटी उम्मीदवारों और फिजिकली चैलेंजिंग वाले लोगों के लिए अंग्रेजी में प्रारंभिक पाठ्यक्रम की क्लास ले रही थीं.
एक अन्य वीडियो में वे एक छात्रा के परीक्षा में छूट देने के अनुरोध को अस्वीकार करती हुई सुनाई दे रही हैं. छात्रा ने अपने दादा की मृत्यु के कारण छूट देने का अनुरोध किया था. जवाब में प्रोफेसर को यह सवाल करते हुए सुना जाता है कि यह बात किसी छात्र को कैसे प्रभावित कर सकती है.
वे अनुरोध को "बहुत चौंकाने वाला" बताती हैं और कहती हैं कि, "मैं एक हिंदू हूं... मुझे पता है कि कुछ रीति-रिवाज हैं, लेकिन मुझे यह भी पता है कि इस कोविड के समय में इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों पर प्रतिबंध है..." छात्रों ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि "यह छात्रा की भावना के प्रति पूर्ण अवहेलना दिखाता है और इसमें पाठ्यक्रम की सर्वोच्च अथॉरिटी होने का दावा किया जा रहा है."
एक तीसरे वीडियो में प्रोफेसर छात्रों को "भारत माता की जय" कहने के लिए उकसाती हुई सुनाई देती हैं. छात्रों से वह चिल्लाते हुए हुए कहती हैं कि, "यह वह न्यूनतम है जो आप अपने देश के लिए कर सकते हैं."
प्रोफेसर कहती हैं कि "कृपया इस बैकग्राउंड म्युजिक को बंद करें और मेरी बातों पर ध्यान दें. मेरी बात सुनो. यदि आप कक्षा से बाहर नहीं निकलते हैं, तो मेरे पास आपके लिए 20 अंक हैं. मैं सभी को शून्य से 128 दूंगी. क्या आप ऐसा चाहते हैं?"
सूत्रों ने कहा कि आईआईटी-खड़गपुर के रजिस्ट्रार तमल नाथ ने कहा है कि संस्थान इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं करता है और कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों ने कहा कि निदेशक ने छात्रों के साथ बैठक बुलाई है और फैकल्टी को एक समीक्षा समिति के पास भेजा गया है.
जिन छात्रों ने शुरुआत में इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया था, उन्होंने कई मांगें की हैं. उन्होंने प्रोफेसर को तत्काल टर्मिनेट करने, एससी / एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने और आईआईटी खड़गपुर सहित सभी आईआईटी में स्थायी एससी/एसटी और ओबीसी सेल की स्थापना करने की मांग शामिल है.
छात्रों के ग्रुप ने पोस्ट में कहा है कि "इस सेल को एक जातिगत भेदभाव विरोधी सेल के रूप में कार्य करना चाहिए. जातिवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और छात्रों में भेदभाव के आकस्मिक और संरचनात्मक रूपों के बारे में कैंपस को संवेदनशील बनाने की दिशा में काम करना चाहिए."