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मोदी सरकार की सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की मांग SC में, कोर्ट करेगा सुनवाई

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. संभव है कि सुनवाई आज ही होगी. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने याचिकाकर्ता से कहा कि 'जजों की आज कमी है, ऐसे में आप याचिका सर्कुलेट कर दीजिए, हम देखेंगे कि क्या आज सुनवाई हो सकती है.'
ऐसे में जब देश कोरोना की भयंकर दूसरी लहर से जूझ रहा है और देश में हर रोज हजारों लोगों की मौत हो रही है, ऐसे में हजारों करोड़ की योजना सेंट्रल विस्टा पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए आवाज उठ रही है. विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से अभी निर्माण कार्य को चालू रखने पर लगातार विरोध हो रहा है.
वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से आग्रह किया है कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करें.
20,000 करोड़ की लागत से बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण को 'जरूरी सेवाओं' की कैटेगरी में रखा गया है, जिसे लेकर विपक्ष ने विरोध जताया है. दिल्ली में लॉकडाउन लगा हुआ है. इस दौरान ऐसी ही कन्स्ट्रक्शन साइटों को परिमट मिली हुई है, जहां पर कामगारों को वहीं पर रहने की सुविधा दी गई है. हालांकि, पिछले हफ्ते एक स्पॉट चेकिंग की थी, तो कन्स्ट्रक्शन साइट पर बहुत से कामगार वहां रहते हुए नहीं दिखाई दिए. इनमें से बहुत से वर्कर कई किलोमीटर दूर से आना-जाना कर रहे हैं.
इस योजना को हाल ही में पर्यावरणीय अथॉरिटी से भी ऑल-क्लियर का इशारा मिल चुका है, इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि नया प्रधानमंत्री आवास दिसंबर, 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा. वहीं नया उपराष्ट्रपति आवास अगले साल मई तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है.

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शौर्यपथ

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