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खतरे में इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू की कुर्सी, अपदस्थ करने के लिए विरोधियों ने शुरू की मुहिम

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नई दिल्ली / शौर्यपथ /जेरुशलम इजरायल के राष्ट्रवादी कट्टरपंथी नेता नफ्ताली बेनेट ने रविवार को कहा कि वह एक संभावित गठबंधन की सरकार में शामिल होंगे जो देश के सबसे लंबे समय तक प्रधान मंत्री रहने वाले बेंजामिन नेतन्याहू के शासन को समाप्त कर सकती है. दक्षिणपंथी नेतन्याहू का विरोध करने वाले सांसदों का गठबंधन बनाने की बुधवार को खत्म हो रही समय सीमा से पहले ही इस पर गहन बातचीत तेज हो गई है.
गाजा पट्टी में इस्लामिक समूह हमास के साथ नवीनतम घातक सैन्य संघर्ष के बाद हुए सीजफायर के बाद इजरायल में विपक्षी गतिविधियां तेज हुई हैं.
71 वर्षीय नेतन्याहू, जो धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और विश्वास के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे हैं, (जिससे वे इनकार करते रहे हैं) राजनीतिक उथल-पुथल की अवधि के दौरान सत्ता में रहे हैं. वहां दो साल के भीतर चार अनिर्णायक चुनाव हुए हैं.
मार्च की वोटिंग में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलीं थीं लेकिन वह फिर से सरकार बनाने में विफल रहे. विपक्षी नेता और पूर्व टीवी एंकर यायर लैपिड के पास अब बुधवार शाम तक विपक्षी दलों का गठबंधन बनाने का समय है.
57 वर्षीय लैपिड, एक विविधतापूर्ण गठबंधन की मांग कर रहे हैं, जिसे इजरायली मीडिया ने "परिवर्तन" के लिए एक गुट करार दिया है, जिसमें कट्टरपंथी नेता बेनेट के साथ-साथ अरब-इजरायल के दूसरे सांसद भी शामिल होंगे.
तेजतर्रार प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपदस्थ करने के लिए लैपिड ने सत्ता साझा करने का फार्मूला भी पेश किया है, जिसके तहत रोटेशन क्रम में 49 वर्षीय बेनेट को पहले कार्यकाल की सेवा की पेशकश की गई है.
बेनेट ने अपनी धार्मिक-राष्ट्रवादी यामिना पार्टी के सदस्यों से मुलाकात के बाद रविवार को कहा: "मैं अपने दोस्त यायर लैपिड के साथ नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट बनाने के लिए सब कुछ करूंगा." एक बयान में कहा गया है कि लैपिड और बेनेट की पार्टियों ने गठबंधन सरकार बनाने के लिए रविवार की रात से औपचारिक बातचीत शुरू की है.
23 मार्च को हुए चुनाव में धार्मिक-राष्ट्रवादी यामिना ने सात सीटें जीतीं हैं, लेकिन एक सदस्य ने नेतन्याहू विरोधी गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया है. उधर, पीएम नेतन्याहू, जो पहले के तीन साल के कार्यकाल के बाद लगातार 12 वर्षों तक पद पर रहे हैं, ने अपने टेलीविज़न संबोधन में विपक्षी योजना को "इज़राइल की सुरक्षा के लिए खतरा" करार दिया है.

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