नई दिल्ली/ शौर्यपथ / दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने खुद को आईएफएस अफसर बताकर एक कारोबारी से 2.39 करोड़ की ठगी करने वाले पीयूष बंदोपाध्याय नाम के शख्स को नोएडा से गिरफ्तार किया है. आर्थिक अपराध शाखा के एडिशनल डीसीपी आर के सिंह के मुताबिक एक शिकायतकर्ता ने शिकायत दी और बताया कि मेक इन इंडिया के तहत एक काम के सिलसिले में उनकी मुलाकात दया शंकर मिश्रा नाम के शख्स से हुई.
उसने बताया कि वो एक सीनियर आईएफएस को जानता है, जो उसका काम करवा देगा. इसके बाद दया शंकर ने शिकायतकर्ता की मुलाक़ात पीयूष बंदोपाध्याय और उसकी पत्नी श्वेता से दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में कराई. श्वेता ने बताया कि वो एक बड़ी कंपनी में कंट्री हेड है और मेक इन इंडिया प्रोग्राम की तकनीकी टीम में भी है. उसने दावा किया कि वो उत्तर पूर्व भारत में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भारत सरकार से अच्छा फंड दिलवा सकती है. इस तरह शिकायतकर्ता ने श्वेता की कंपनी में काम के एवज में 24.26 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए और श्वेता ने उसे कॉन्ट्रैक्ट का एक नकली लेटर भी थमा दिया.
इसके बाद वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नागालैंड और दीमापुर में 33 साल की लीज पर 27 एकड़ जमीन भी ले ली गयी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब भारत सरकार की तरफ से कोई फंड नहीं आया तो शिकायतकर्ता को शक हुआ. उसने पहले श्वेता और पीयूष से शिकायत की और पैसे लौटाने को कहा लेकिन दोनों ने पैसे देने से मना कर दिया. इस तरह ऑफिस खोलने से लेकर ज़मीन लेने तक शिकायतकर्ता के 2.39 करोड़ रुपये डूब गए.
पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि पीयूष फ़र्ज़ी आईएफएस है. वो कई कारोबारियों को इसी तरह ठग चुका है. उसने गुजरात के एक कारोबारी से भी 39 करोड़ रुपये ठगे हैं. वो खुद आईएफएस बताकर फाइव स्टार होटलों में लोगों से मिलता था और ठगी करता था. पुलिस ने उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है.