दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम में जब से आयुक्त मंडावी ने पद भार संभाला है तब से शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था , निर्माण कार्य , मीटिंग्स का रेला हर तरफ सिर्फ बदहाली ही नजर आ रही है .
शहर के विधायक वोरा जो अमूमन शांत और खुशमिजाजी से आम जनता का दिल जीत लेते है उनके चेहरे पर भी शहर की बदहाल व्यवस्था के कारण शिकन आ गयी . शहर के मुख्य बाज़ार में निर्माणाधीन टीन शेड निर्माण में हो रही देरी पर लगातार अधिकारियो को फटकार लगा चुके है . और अब तो यह हाल हो गया है कि अधिकारी सही निगम आयुक्त मंडावी के ऊपर भी रोष प्रकट करते हुए जल्द से जल्द निर्माण के लिए निर्देशित करना पड़ा .
वही अगर स्वास्थ्य विभाग की बात करे तो एक समय शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त तरही किन्तु जब से आयुक्त मंडावी ने पद संभाला है तब से स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता सफाई के तरफ बेफिक्र हो गए है . महापौर की सायकल यात्रा हो या विधायक की वार्ड वार पद यात्रा हर वार्ड में सफाई की शिकायत मिलना आम बात हो गयी . पिछले काफी महिनो से सफाई की बदहाल व्यवस्था पर महापौर एवं विधायक अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके है किन्तु अपने केबिन में और मीटिंग के लिए डाटा सेंटर में ज्यादा समय गुजारने वाले आयुक्त को ना तो शहर की गंदगी नजर आ रही है और ना ही स्वास्थ्य अधिकारी की लापरवाही और रिश्वतखोरी के आरोप नजर आ रहे है .
आये दिन निगम में प्लेसमेंट के नाम पर हजारो रूपये के लेनदेन के आरोप स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता पर लगते आ रहे है किन्तु आयुक्त अभी तक मौन है . सामान्य सभा में भी आरोप की हफ्ते भर में जांच की बात हुई थी किन्तु दो माह के करीब हो गए यहाँ भी आयुक्त मौन है .
गत दिवस ऐसी ही एक भयानक घटना घटित हो गयी जिसमे अगर समय रहते इलाज़ नहीं किया जाता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी . मामला है एक प्लेसमेंट कर्मचारी को कार्य से निकालने का .वार्ड नंबर ११ के एक सफाई कर्मचारी को कार्य से निकाल दिया गया . बिना उचित कारण के निकाले जाने पर कर्मचारी द्वारा लगातार स्वास्थ्य अधिकारी से मिन्नत करने के बावजूद भी वापस कार्य में ना रखने पर उक्त कर्मचारी द्वारा आयुक्त कार्यालय के सामने अपने हांड को धारधार हन्थियार से काट लिया गया और लगातार खून बहने की स्थिति में स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता पर पैसे लेकर काम में लगाने का आरोप लगता रहा . लगातार दुर्गेश गुप्ता पर आरोप लगने के बाद भी दुर्ग निगम आयुक्त आखिर किस भावना के तहत कोई जाँच नहीं कर रहे है क्या कोई ख़ास लगाव है स्वास्थ्य अधिकारी के ऊपर या मामले को और कर्मचारियों की मजबूरियों को अनदेखी कर सिर्फ समय व्यतीत कर रहे है आयुक्त मंडावी ..