छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें बिना किसी सूचना के रोक दिया गया। ये जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट कर दी।
लखनऊ /रायपुर / शौर्यपथ /
सीतापुर जाने के लिए लखनऊ पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पुलिस-प्रशासन ने एयरपोर्ट से बाहर नहीं आने दिया। पुलिस ने धारा-144 लागू होने का नोटिस पढ़कर सुनाया तो बघेल एयरपोर्ट परिसर में जमीन पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने खुद को रोके जाने को लोकतंत्र की हत्या बताया। कहा-प्रदेश सरकार छह महीने और दमन कर ले। आने वाले चुनाव में जनता जरूर सबक सिखाएगी।
मुख्यमंत्री बघेल को ढाई बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर एक प्रेस कांफ्रेंस करनी थी। उसके बाद सीतापुर में गिरफ्तार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मिलने जाने का उनका कार्यक्रम था। वह डेढ़ बजे अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें एयरपोर्ट पर रोके जाने का फैसला सुनाया। एक पुलिस कर्मी पूरा नोटिस पढ़कर सुनाने लगा तो सीनियर अधिकारियों ने उसे बीच में रोककर मुख्यमंत्री बघेल से निर्धारित स्थान पर चलकर बैठने के लिए कहा। इस पर मुख्यमंत्री बघेल बिफर गए और वहीं धरने पर बैठ गए।
उन्होंने अमौसी एयरपोर्ट से बाहर न निकलने देने के फैसले की कड़ी निंदा की। इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व निर्धारित प्रेस कांफ्रेंस को फोन के माध्यम से से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यूपी में तानाशाही राज है और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस किसानों के हक की लड़ाई हर हाल में लड़ेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वह एआईसीसी की ओर से यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के पर्यवेक्षक हैं। इस नाते भी यहां आए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मुझे जिन पुलिस अधिकारियों ने रोका, उनसे कहा कि सीतापुर तक जाऊंगा, लखीमपुर खीरी नहीं जाऊंगा । इस पर भी अधिकारी नहीं माने तो सिर्फ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक जाने के लिए अनुमति देने को कहा। इसके लिए वे तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पीडि़तों के लिए इंसाफ मांगने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि घटना के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है, इसलिए इस तरह से रोकने की कार्रवाई कर रही है।
बिना शर्त रिहा की जाएं प्रियंका गांधी : प्रमोद तिवारी
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को अवैध बताया। बिना शर्त रिहाई की मांग की।लखीमपुर में मारे गये पत्रकार रमन कश्यप समेत अन्य सभी के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी की। प्रमोद तिवारी ने कहा कि एक मुख्यमंत्री से भला कानून-व्यवस्था को क्या खतरा हो सकता है। योगी सरकार को सामान्य मर्यादा का भी भान नहीं रहा। तिवारी ने कहा कि प्रियंका गांधी 10 अक्तूबर को वाराणसी की रैली से योगी सरकार के खिलाफ सिंहनाद करने जा रही हैं। इसलिए सरकार डर गई है। लेकिन, न भूलें कि कांग्रेस पार्टी के पास अंग्रेजों को भगाने का अनुभव है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी पर लगाई गईं धाराओं के आधार पर सरकार यह बताए कि वह कौन सा अपराध करने जा रही थीं। जिसकी वजह से उन्हें निरुद्ध किया गया। वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचला गया।
भाजपा सरकार ने जनता के हर हिस्से पर किया जुल्म : पीएल पुनिया
पीएल पुनिया ने कहा कि भाजपा सरकार के जुल्मों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी समझौताहीन संघर्ष करेगी। योगी सरकार ने जनता के हर हिस्से पर जुल्म किया है और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा रही कांग्रेस पार्टी के हाथों उनकी पराजय तय है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सीतापुर में जिस तरह से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा को खींचा, उससे सारी मर्यादाएं तार-तार हो गई हैं।