दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग शहर विधायक लगातार शहर का भ्रमण कर रहे है और विगत कई महीनो से शहर में निर्माण कार्य , जल समस्या , धुल भरी सड़क , अँधेरी गलिया , अव्यवस्थित बाज़ार , यूनीशेड निर्माण जैसे मुद्दों पर अधिकारियों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके है कई मौके पर अधिकारियों की शिकायत भी मंत्री महोदय से कर चुके है किन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों पर विधायक की नाराजगी का कोई ख़ास असर नहीं पड रहा है . वरना प्रदेश के जिस विधायक को उत्कृष्ट विधायक का अवार्ड मिला हो ऐसे विधायक की जनहित के मुद्दों पर नाराजगी का असर तो दिखना ही चाहिए किन्तु दुर्ग शहर में इसके उलट हो रहा है . प्रदेश में कांग्रेस की सरकार , निगम में विधायक के कट्टर समर्थक धीरज बाकलीवाल महापौर और एम्आईसी में सभी प्रभारी विधायक की अनुशसा प्राप्त यहाँ तक एल्डरमैन भी विधायक की पसंद के , जिला अध्यक्ष की भी अनुशसा विधायक की पसंद का फिर भी शहर में लगातार अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए विधायक वोरा नजर आ जाते है .
शहर में इन दिनों चर्चा का विषय है कि विधायक वोरा की नाराजग़ी सिर्फ दिखावा है या फिर वो सही में अधिकारियो की कार्य प्रणाली से नाराज चल रहे है क्योकि शहर की सट्टा में सबसे दमदार प्रतिनिधि के तौर पर महापौर बाकलीवाल विराजमान है ऐसे में अधिकारियों को विधायक की नाराजगी का कोई ख़ास फर्क नहीं पडऩा किसी को भी हजम नहीं हो रहा है .
ऐसा कहा जाता है कि तात्कालिक महापौर सरोज पाण्डेय के समय अधिकारी वर्ग महापौर को शिकायत का कोई मौका नहीं देते थे किन्तु वर्तमान स्थिति में अगर अधिकारी वर्ग प्रदेश सरकार के वरिष्ठ विधायक अरुण वोरा की नाराजगी को हलके में ले रहे है तो ये शहर के विकास की चिंता का विषय तो है ही साथ ही आने वाले चुनाव में विधायक वोरा के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है .
बता दे कि दुर्ग के प्रवेश द्वार में 14 करोड़ की राशि से निर्माणाधीन ठगड़ा बांध पर्यटन स्थल का काम अफसरों के आपसी सामंजस्य की कमी के कारण अत्यंत धीमा हो गया है। वरिष्ठ विधायक अरुण वोरा के प्रयासों से राज्य शासन ने दो वर्ष पूर्व पिकनिक स्पॉट के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की थी जिसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था किंतु आए दिन कार्ययोजना में परिवर्तन कर रोज नए निर्देश देने की वजह से निर्माण की समयावधि पूरी हो जाने के बाद भी अब तक आधा काम भी नहीं हो पाया है। गार्डन निर्माण, सायकल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक, लैंडस्केपिंग एवं बच्चों के झूले ओपन जिम का अब तक कहीं अता पता नहीं है उसकी जगह वर्तमान में कंक्रीट का जंगल में तब्दील होता नजर आ रहा है। औचक निरीक्षण में पहुंचे विधायक वोरा ने अफसरों की क्लास लगाते हुए कहा कि 6 करोड़ से अधिक का भुगतान हो जाने के बाद भी अब तक पिकनिक स्पॉट अपने स्वरूप में नहीं आ सका है। नित नए प्लान एवं एस्टीमेट बदलने की जगह निर्धारित कार्ययोजना के तहत जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करवाने में ध्यान दिया जाए। आयुक्त स्वयं कार्य की गति पर ध्यान रखते हुए गार्डनिंग, लैंडस्केपिंग, बच्चों का उद्यान जल्द से जल्द पूरा कराएं ताकि 1 जनवरी को मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण करा के जनता को सौगात दी जा सके।
गौरतलब है कि शहर की जनता को आमोद प्रमोद एवं परिवार के साथ अच्छा समय बिताने राष्ट्रीय स्तर का पिकनिक स्पॉट उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वोरा ने 14 करोड़ की राशि स्वीकृत कराई थी जिसमें पार्किंग स्थल, फ़ूड कोर्ट, बोटिंग सुविधा, आइलैंड सहित सर्वसुविधायुक्त उद्यान का भी निर्माण किया जाना है किंतु बार बार अफसर बदलने से काम बेहद मंथर गति से चल रहा है साथ ही शहर के कई उद्यानों में मेंटेनेन्स के लिए लगाए गए कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है जिससे अन्य उद्यानों की स्थिति भी खराब हो रही है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी, महामंत्री पप्पू श्रीवास्तव, एल्डरमैन राजेश शर्मा, अंशुल पांडेय, गौरव उमरे, आयुष शर्मा मौजूद थे।