दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग शहर के व्यस्तम बाज़ार इंदिरा मार्किट में पिछले दिनों एक बड़ी आगजनी हुई . शहर के मध्य स्थित होटल शीला में नियमो को टाक में रखकर बिना पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के शहर के बीच संचालित घर संसार सेल का सञ्चालन किया जा रहा था . ऐसा कई बार हुआ की इस घर संसार सेल के अवैधानिक व्यापार की खबरे कई समाचार पत्रों में प्रकाशित भी हुई किन्तु नगर पालिक निगम के जिम्मेदार अधिकारी और विभाग मामले को अनदेखा ही करता रहा जिसका परिणाम यह रहा कि ज़रा सी लापरवाही के कारण एक पूरी बिल्डिंग जल कर स्वाहा हो गयी . वो तो शुक्र था कि घटना देर रात हुई अगर दिन के समय होती तो इस एकाकी मार्ग के सेल में ना जाने कितने लोगो की जान पर बन आती .
इस घर संसार के संचालको ने इसके बाद भी कोई सीख नहीं ली वही एक बार फिर घर संसार सेल शहर के मध्य स्थित सेंटर सिटी माल के प्रथम ताल पर एकाकी मार्ग के साथ शुरू हो गया . संचालको की हिम्मत कहे या निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का आलम शहर में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी कही ना कही किसी ना किसी रूप में जिम्मेदार संचालको द्वारा एक बार फिर बिना वैधानिक अनुमति के अपना व्यापार शुरू कर दिया है . ना ही इस संस्था के पास उक्त स्थान में व्यापार करने की अनुमति है और ना ही पिछली बार की तरह इस बार भी घर संसार सेल में आवागमन के मार्ग आगे पीछे से है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में जान माल के नुक्सान से बचा जा सके .
क्या भ्रष्टाचार की जड़े इतनी मजबूत हो गयी है कि शहर में बड़े हादसे को अंजाम देने वाले संस्था को जिनके संचालक अन्य प्रदेश से है छत्तीसगढ़ और दुर्ग निकाय के कानून को मानने से भी इनकार करते हुए नियमो को पैर की धुल समझ रहे है . क्या निगम प्रशासन और उसके मुखिया आयुक्त मंडावी ऐसे संस्थान जो हादसों को जन्म दे चुके है पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेंगे या एक बार फिर भ्रष्टाचार की जेड इस तरह के कार्य को संचालित करने के लिए मौन रहेगी .