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बडी खबर: मोदी सरकार 2 में हुआ देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाले का खुलासा, गुजरात की कंपनी ने दिया घोटाले को अंजाम ... Featured

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बैंकिंग सैक्टर का सबसे बड़ा घोटाला, 28 बैंकों को लगाया 22 हजार करोड रुपये का चूना, 8 गिरफ्तार

नई दिल्ली । शौर्यपथ । बैंकिंग जगत में भारत के इतिहास में अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। घोटाला ऐसा कि एक नहीं बल्कि दो दर्जन से ज्यादा बैंकों को अरबों रुपये का चूना लगाया गया है। ABG ग्रुप (ABG Shipyard) ने 28 बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर 22842 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। 

अभी इस मामले और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस प्रक्ररण में अभी दूसरी एजेंसियां भी शामिल होने की उम्मीद लगाई जा रही है। सीबीआई के अनुसार ये धोखाधड़ी किसी एक बैंक के साथ नहीं, बल्कि बैंकों के समूह के साथ की गई है। ठगों कुल 28 बैंकों को शिकार बनाया है। इसमें एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई, पंजाब नेशनल बैंक समेत प्राइवेट बैंक आईसीआसीआई भी शामिल हैं। इतना ही नहीं एलआईसी को भी चूना लगाया गया है। 

बता देंक कि 28 बैंकों और एलआईसी को चूना लगाने वाली दो कंपनियां हैं। एक ही ग्रुप की, जिसका नाम है ABG शिपयार्ड और ABG इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड। CBI के अनुसार गुजरात के सूरत की ये कंपनी पानी के जहाजों के निर्माण और उनकी मरम्मत समेत उससे जुडे़ दूसरे काम भी करती है।

FIR में ABG ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अग्रवाल के अलावा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, दूसरे डायरेक्टर और कई सरकारी अधिकारी के नाम भी दर्ज हैं। इन लोगों के खिलाफ सरकारी संपत्तियों को हड़पने जैसे गंभीर धाराओं (अपराधिक षडयंत्र धोखाधड़ी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है। 

 

गुजरात की कंपनी ने किया ये बड़ा घोटाला 

शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित हैं। ये कंपनी जहाज़ निर्माण और जहाज़ की मरम्मत का काम करती है। इस कंपनी के कुल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दर्ज मामले के मुताबिक घोटाले का समय अप्रैल 2012 से जुलाई 2017 है।

 

जानिए धोखाधड़ी कंपनी पर क्या लगे आरोप

ABG ने बैंकों के समूह से लोन और कई तरह की क्रेडिट सुविधाएं ली।

///बैंकों से मिले पैसों को सहयोगी कंपनियों के जरिए विदेशों में भी भेजा गया।

///बैंकों से लोन के पैसे से विदेशों में जायदाद और शेयर खरीदे गए।

///नियमों को ताक पर रखकर पैसों को एक कंपनी से दूसरी कंपनियों में भेजा गया।

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शौर्यपथ