कबीरधाम संवाददाता दुखहरण सिंह ठाकुर
शौर्यपथ / प्रदेश की बहुचर्चित कवर्धा की झंडा विवाद में जेल में बंद भाजपा नेता विजय शर्मा कैलाश चंद्रवंशी के विरुद्ध जिला खाद्य अधिकारी अरुण मेश्राम के द्वारा कवर्धा थाना में एफआईआर एक्ट्रोसिटी के तहत दर्ज कराया गया था
कवर्धा में जमानत याचिका खारिज होने के उपरांत 28 जनवरी को हाईकोर्ट में जमानत की याचिका कोर्ट ने बढ़ाकर 10 मार्च को सुनवाई की तारीख तय किया था 90 दिन का पैरोल 8 फरवरी को समाप्त होने पर उक्त भाजपा नेताओं ने अंतरिम राहत के लिए पुन: हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था और 10 मार्च को ही प्रकरण की सुनवाई तय की गई थी लेकिन अचानक बदलते घटनाक्रमों के बीच अचानक आज हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई की गई और भाजपा नेता विजय शर्मा कैलाश चंद्रवंशी को जमानत दिया गया
जिले में राशन कार्ड की समस्या 2 साल से बनी हुई थी जिसे लेकर उक्त भाजपा नेताओं ने ग्रामीणों के साथ जिला खाद्य अधिकारी कलेक्ट्रेट में राशन कार्ड नहीं बनने को लेकर वाद विवाद किया था
बदली परिस्थितियों में कवर्धा में बहुचर्चित झंडा विवाद मैं जेल में बंद उक्त भाजपा नेताओं के एक्ट्रोसिटी का मामला दर्ज किया गया था जिसके उपरांत जिले सहित प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई और मामला राज्यपाल तक जा पहुंचा था जहां प्रदेश भाजपा के द्वारा महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन देकर सरकार की सह पर विजय शर्मा कैलाश चंद्रवंशी को झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाकर ,फर्जी द्घ.द्ब.ह्म्. को निरस्त करने एवं दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने और निष्पक्ष जांच के लिए ज्ञापन दिया गया था
केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता पोखराज सिंह परिहार ने प्रकरण पर कहा कि विजय शर्मा कैलाश चंद्रवंशी के खिलाफ जिला खाद्य अधिकारी कबीरधाम के द्वारा 21 सितंबर को आजाक थाना कवर्धा में लिखित शिकायत आवेदन दिया गया था जिसमें जातिगत या एक्ट्रोसिटी वाला विषय का कोई उल्लेख नही था कवर्धा के झंडा विवाद प्रकरण में जेल में पहले से बंद विजय शर्मा कैलाश चंद्रवंशी के खिलाफ सरकार के दबाव में 1 माह 3 दिन बाद 23 अक्टूबर को फिर से कवर्धा थाने मे नए आवेदन दिया गया जिसमें पूर्व में दिए आवेदन के तथ्यों को छिपाया गया और फर्जी एफआईआर दर्ज कराया गया जो कि पूर्णत असत्य है और आज हमे उच्च न्यायालय से न्याय मिला .
अंतत: लंबे समय तक चले प्रकरण में 21 दिन जेल उपरांत आज विजय शर्मा और कैलाश चंद्रवंशी को हाईकोर्ट से जमानत मिली.