शौर्यपथ विशेष संवाददाता
दुर्ग / जिस तरह से दुर्ग शहर में विधायक वोरा द्वारा कार्यक्रम एवं लोकार्पण किया जा रहा है एवं विधायक निधि से जो कार्य हो रहे हैं उस पर दिख रही अनियमितता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अनदेखी ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विधायक वोरा भी यही समझने लगे हैं कि यह उनकी आखिरी पारी है ऐसा नहीं है कि कोई भी विधायक अगली बार भी विधायक नहीं बनना चाहता हो किंतु दुर्ग शहर के विधायक अरुण वोरा की टीम जिस तरह से कार्य कर रही है उससे आम जनता सहित कांग्रेस के कार्यकर्ता भी नाराज चल रहे हैं .कार्यकर्ताओं की उपेक्षा दुर्ग शहर में एक आम बात हो गई है कार्यकर्ता मुखर होकर विधायक के सामने ही काम के बारे में उपेक्षा एवं भेदभाव की बात खुलकर करने लगे हैं .
वहीं वरिष्ठ पार्षदों के द्वारा भी शहर के बदहाल स्थिति की आलोचना की जा रही है एक तरफ शहर के विधायक वोरा कह रहे हैं कि दुर्ग में विकास कार्य तेजी से हो रहा है किंतु देखा जाए तो पिछले 2-3 सालों में दुर्ग शहर की जो हालत हो गई है वैसी हालत 20 साल पहले भी नहीं थी एक समय दुर्ग शहर का चौपाटी ,गौरव पथ ,बस स्टैंड जैसी जगह आकर्षण का केंद्र मानी जाती थी किंतु आज गौरव पथ में अतिक्रमण का भंडार है ,चौपाटी की बदहाल हालत ,ठगड़ा बांध में कार्यों में अनियमितता ,विधायक निधि से हो रहे कार्यों की गुणवत्ता हीनता के बारे में अब कांग्रेस के कार्यकर्ता ही आवाज उठाने लगे हैं वही जिस तरह से शहर कांग्रेस में आर.एन.वर्मा का कद बढ़ा है और अब शहर में चर्चा होने लगी है कि दुर्ग शहर में कांग्रेस का विधायक अब मूल छत्तीसगढिय़ा वासी को बनाया जाना चाहिए जो पर्दे के आगे और पर्दे के पीछे एक जैसा व्यवहार करें .
विधायक द्वारा अनुदान की राशि का वितरण किया गया है और उस सूची को आम जनता के बीच जारी कर जितनी जग हसाई हो रही है उससे विधायक वोरा की छवि ही धूमिल हुई .सोशल मीडिया में चर्चा का विषय है कि विधायक वोरा द्वारा स्वक्षिक अनुदान की राशि जो आवंटित की गई है उसमें सिर्फ चंद लोगों की मर्जी का हीं पालन किया गया है ऐसे कई लोग हैं जो यह बात कह रहे हैं कि हमारे द्वारा अनुदान की राशि की कोई बात ही नहीं की है वही अनुदान की राशि ऐसे लोगों को भी दी गई है जो करोड़पति हो ऐसे लोगों का खुलकर अपमान हो रहा है . जो दुर्ग में चर्चा का विषय है कि ऐसे लोगों को रोज अपमानित होना पड़ रहा है कि वह 2-4 हजार की राशि के लिए विधायक के चक्कर लगाते हैं जबकि ऐसे लोग कोरोना काल में अपने घर से हजारों रुपए की सहायता राशि गरीबों को बांट चुके हैं .
वही कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विधायक वोरा पर यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि सिर्फ चंद लोगों को विधायक द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें एल्डरमैन राजेश शर्मा ,अंशुल पांडे ,युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष आयुष शर्मा ,अल्ताफ अहमद का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है . विधायक वोरा नियुक्ति के पहले कहते थे कि पार्षद है उसके परिवार से किसी को भी एल्डरमैन नहीं बनाया जाएगा किंतु बावजूद उसके राजेश शर्मा को एल्डरमैन बनाना किसी को भी रास नहीं आ रहा है वही अंशुल पांडे के बारे में कांग्रेसी कार्यकर्ता चर्चा करते हैं कि इसके द्वारा निगम के ठेके की लिस्टिंग की जाती है एवं सुलभ शौचालय का दर्जनभर आवंटन होने से भी कांग्रेसी नाराज है वही युवा कांग्रेस अध्यक्ष आयुष शर्मा को ठेके में प्राथमिकता देने का भी आरोप लग रहा है अब देखना यह है कि आने वाले चुनाव में कांग्रेसी कार्यकर्ता अरुण वोरा का कितना साथ देते हैं