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सांसद डा.सरोज पाण्डेय ने दुर्ग के लिए क्या किया जनता पूछ रही... Featured

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दुर्ग। शौर्यपथ। भाजपा की कद्दावर नेता राज्यसभा सांसद सरोज पांडे जब तक दुर्ग की महापौर थी दुर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहे किंतु एक समय ऐसा भी आया कि मोदी लहर में भी छत्तीसगढ़ की एकमात्र सीट लोकसभा प्रत्याशी के रूप में डॉ सरोज पांडे हार चुकी वही पिछले दिनों हुए निगम चुनाव में सरोज पांडे के गुट के अधिकतर पार्षद को हार का सामना करना पड़ा स्थिति यहां तक आ गई कि राज्य सभा सांसद डॉक्टर सरोज पांडे के गृह निवास मैत्री नगर वार्ड में भी वार्ड प्रत्याशी के रूप में भाजपा के पार्षद की करारी हार हुई वर्तमान समय में दुर्ग भाजपा में राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पांडे का पूरा वर्चस्व है ऐसा भी कहा जा सकता है कि दुर्ग शहर राज्य सभा सांसद डॉक्टर सरोज पांडे का कर्मभूमि भी है ऐसी स्थिति में  2018 में राज्यसभा सांसद बनने के बाद डॉक्टर सरोज पांडे के द्वारा दुर्ग में विकास कार्यों के लिए किसी भी तरह का कोई सराहनीय कार्य हुआ हो ऐसा आम जनता को नजर नहीं आता हाल फिलहाल में राज्य सभा सांसद सरोज पांडे के मद से शिवनाथ नदी मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार जरूर हो रहा है किंतु राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय है जी पूर्व में राज्य सभा सांसद निधि देने के बाद शासकीय प्रक्रिया पूर्ण होने के कुछ समय पहले ही सांसद द्वारा या राशि रद्द कर कहीं और खर्च करने की बात हो रही थी किंतु उचित स्थान ना मिलने के कारण पुनः एक बार फिर उस निधि को शिवनाथ नदी स्थित मुक्तिधाम पर जिडोद्धार के लिए खर्च किया जा रहा है।

दुर्ग भाजपा में एवं शहर की राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय है कि आपसी गुटबाजी के चलते आने वाले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की करारी हार होगी एक तरफ शहर की जनता दुर्ग शहर के विधायक अरुण वोरा के झूठे वादों और शहर की बदहाल स्थिति से काफी नाराज है किंतु वहीं अगर दूसरी तरफ देखती है तो दुर्ग शहर में ऐसे कई भाजपा कार्यकर्ता हैं जो सरोज पांडे के गुट से नहीं है आज नगर पालिक निगम दुर्ग में ऐसे कई पार्षद कार्यरत हैं जो भाजपा समर्थित तो हैं किंतु निर्दलीय रूप से निगम में कार्य कर रहे हैं उनकी सक्रियता भी लोकसभा सांसद विजय बघेल के दुर्ग आने पर ही नजर आती है और आम जनता को पता चलता है कि यह भी भाजपा से ही हैं। 

जिस तरह से वर्तमान स्थिति भाजपा की है और आंतरिक गुटबाजी चरम सीमा पर है उसका खामियाजा शहर की जनता को चुकाना पड़ रहा है कहते हैं लोकतंत्र में अगर विपक्ष मजबूत ना हो तो सत्ता पक्ष की हर तरह की मनमानी के कारण परेशानियों का सामना सिर्फ आम जनता को ही करना पड़ता है राज्यसभा सांसद सरोज पांडे एक कद्दावर नेता तो है किंतु अपनी कर्मभूमि में जिस तरह से उनका जनाधार आम जनता के बीच लगातार कम हो रहा है उसके कारण शहर की जनता ना चाहते हुए भी तुलनात्मक दृष्टि से कांग्रेस की तरफ अपना रुख कर रही है अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में दुर्ग कांग्रेस में भी कई तरह की आंतरिक गुटबाजी के कारण कांग्रेस प्रत्याशी को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है जब तक स्वर्गीय मोतीलाल वोरा जी थे तब तक दुर्ग कांग्रेस में सिर्फ एक ही नाम सर्वमान्य था किंतु अब जिस तरह से कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रकाश भारद्वाज द्वारा सोशल मीडिया में विधायक प्रत्याशी की दावेदारी का प्रचार किया जा रहा है उससे यह तो निश्चित है कि चिंगारी कहीं पर लग चुकी है और यह चिंगारी विधानसभा चुनाव तक एक ज्वाला का रूप ले लेगी । 

शहर की जनता आज भी विकास के लिए राज्यसभा सांसद डॉक्टर सरोज पांडे को याद करती है आने वाले समय में अगर राज्य सभा सांसद सरोज पांडे एक बार फिर जमीनी कार्यकर्ताओं एवं शहर की आम जनता से जमीनी स्तर पर जुड़ जाती है तो आम जनता की विकास के मामले में पहली पसंद आज भी डॉक्टर सरोज पांडे ही हैं ऐसे में देखना होगा कि आने वाले समय में डॉ सरोज पांडे प्रदेश की राजनीति के लिए दुर्ग की जनता के साथ जुड़ती हैं या फिर केंद्र की राजनीति में ही सक्रिय रहेंगी ।

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शौर्यपथ