दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम क्षेत्र में इन दिनों लॉक डाउन है और लॉक डाउन का सबसे ज्यादा फायदा अमृत मिशन के कार्य करने वाले ठेकेदार उठा रहे है , अमृत मिशन के कार्यो में पाइप लाइन बिछाने के बाद फिलिंग का कार्य किया जाना है जिसमे तय मानक मात्रा में मटेरियल मिला कर फिलिंग करना है किन्तु इस कार्य में स्तर हीन मसाला मिश्रण का उपयोग खुल कर किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मौन है .
इन जिम्मेदार अधिकारियों में निगम क्षेत्र में नाली में कचरा फेकने वालो से कचरा उठवा कर अपनी प्रशासनिक ताकत का अहसास कराने वाले निगम आयुक्त इन्द्रजीत बर्मन भी शामिल . आयुक्त बर्मन को शौर्यपथ समाचार के माध्यम से पूर्व में भी सुचना दी गयी किन्तु आयुक्त द्वारा मामले को संज्ञान में ना लेना और जिम्मेदार अधिकारी ईई बाबर व सब इंजिनियर भीम राव को कार्य में सतत निगरानी का निर्देश ना देना ही इस ओर इशारा करता है कि आयुक्त सिर्फ शहर की आम जनता से जुर्माना वसूल कर सकते है अधिकारियों की लापरवाही पर कोई कड़ी कार्यवाही नहीं कर सकते .

पूर्व में भी ऐसे कई मामले आये जिसमे आयुक्त द्वारा लापरवाह अधिकारियो पर कार्यवाही का आश्वासन ही दिया जाता रहा कार्यवाही नहीं हुई . भ्रष्टाचार की जड़ निगम के लापरवाह इंजिनियर ही होते है . इंजीनियरों की लापरवाही के कारण ठेकेदार मिलावटी कार्य कर घटिया निर्माण करते हुए शासन को चुना लगा रहे है और जिम्मेदार अधिकारी मौन होकर ऐसे ठेकेदार का साथ दे रहे है .
क्या आयुक्त बर्मन अमृत मिशन के कार्यो में हो रहे घटिया निर्माण पर निष्पक्ष जाँच करेंगे या फिर जिस तरह भीम राव ( सब इंजिनियर ) के पूर्व में किये अनैतिक कार्य पर पर्दा डाल कर बचाते रहे है इस बार भी ऐसा ही कार्य कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देनेगे और फिर शहर के एक आम जनता की तलाश में निकल जायेंगे जो नाली में कचरा डाल कर निगम के नियमो की अवहेलना कर रहा हो और उससे जुर्माना वसूल कर एक बार फिर वाह वाही बटोरेंगे ?