दुर्ग / शौर्यपथ / वर्तमान में जिले सहित देश में कोरोना आपदा के कारण आम जनता से बड़े बड़े व्यापारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो चली है वही प्रशासन द्वारा लगातार भिन्न भिन्न माध्यमो से सोशल डिस्टेंस , मास्क व अन्य सुरक्षात्मक उपाय के सन्देश प्रसारित भी किये जा रहे है और व्यावसायिक संस्थाओ को निर्देश भी दिया जा रहा है . इस आपदा की घडी में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगो का कोरोना से मुकाबला में अहम योगदान मिल रहा है किन्तु आज भी कई ऐसे चिकित्सीय संस्था है जो शासन के नियमो का पालन ना करते हुए सिर्फ जेब भरने में ध्यान दे रहे है और चिकित्सा जगत की कोशिशो को भी बदनाम करने में लगे हुए है ऐसे ही एक मामले में आज नेहरू नगर चौक के करीब स्थित सुराज हास्पिटल में नजारा दिखा जिसमे शासन के कई नियमो की खुले आम धज्जी उड़ाई जा रही है ताकि जेब भर सके इसे अगर आपदा में अवसर की संज्ञा दे तो कोई अनुचित भी नहीं होगा .
प्रवेश द्वार पर नहीं कोई सुरक्षा - जैसा की वर्तमान दिनों में देखा जा रहा है कि कोई भी व्यावसायिक या शासकीय संस्था इन दिनों प्रवेश द्वारा पर टेम्प्रेचर मीटर , सेनेटाईजऱ के साथ सोशल डिस्टेंस व मास्क की अनिवार्यता की बात का पालन करते हुए खडा रहता है किन्तु नेहरू नगर के इस 3 मंजिला सुराज हास्पिटल के प्रवेश द्वारा पर ऐसी कोई सुरक्षा साधनों का अभाव दिखा वही मरीजो के बैठने के वेटिंग हाल की भी का नज़ारा देखने से ही स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि सुराज हास्पिटल के संचालको को मरीजो की सुरक्षा की परवाह उतनी नहीं जितनी अपनी जेब भरने की है अगर मरीजो के सुरक्षा की परवाह होती तो सूरज हास्पिटल जैसे बड़े निजी नर्सिंग होम में सुरक्षा के सभी माप दंड को पूरा किया जाता किन्तु ऐसा नहीं हुआ .
निगम प्रशासन की लापरवाही या कुछ और ...
यु तो भिलाई निगम के बारे में सुनने में काफी आता है कि बड़ी सख्ती से नियमो का पालन करवाया जा रहा है किन्तु सुराज हास्पिटल में दिखी अव्यवस्था से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्य मार्ग में स्थित संस्था की ये हालत है तो बसाहट के अन्दर की संस्था का क्या हाल होगा . सूरज हास्पिटल की व्यवस्था से ही भिलाई निगम के कार्य प्रणाली का दर्शन हो जाता है है कि निगम के अधिकारियों का जोर सिर्फ गरीबो से मास्क ना लगाने के एवज में जुर्माना लेना है और अपनी रिकार्ड कलेक्शन में मजबूत करना है .
स्वास्थ्य विभाग की व्यस्तता का उठा रहा है सुराज भरपूर फायदा ...
वर्तमान में शासकीय विभागों में जिला स्वास्थ्य विभाग काफी व्यस्त है क्वारेनटाइन सेंटर , होम आइसोलेषण , कोविद हॉस्पिटल की जिम्मेदारी जैसे तमाम कारणों से जिला स्वास्थ्य विभाग व्यस्त है ऐसे में इस बात का फ ायदा उठा कर सुराज हास्पिटल जैसे निजी संस्था वर्तमान में आपदा में अवसर की तलाश में नियमो को ताक में रख कर व्यापार कर रहे है
लेकिन अब देखना यह है कि सुराज हास्पिटल जो नेहरु नगर चौक मे संचालित है। यहा खुले आम सोशल डिसटेसिग की धज्जियां उडाई जा रही है। मजबूर और गरीब जनता पर जुर्माना लगाने वाली प्रशासन क्या इस हास्पिटल प्रबंधन पर जुर्माना लगाएगी। यह वो नियम सिर्फ भोली भाली जनता के लिए लागू होती हैं।