शौर्यपथ लेख ( शरद पंसारी ) / ५ अगस्त भारत के इतिहास में दर्ज हो गया ५ अगस्त हिन्दुओ के लिए बहुत बड़ा दिन था ५ अगस्त को सदियों से चले अ रहे विवाद का अंत और नए भारत का उदय हुआ . ५ अगस्त २०२० का दिन राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के साथ ही हिन्दू धर्म में आस्था रखने वालो के लिए एक ऐतिहासिक दिन था इसी दिन मर्यादा पुरषोत्तम राम के जन्मभूमि में राम मंदिर निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया . . इस दिन पुरे देश में दीपावली का माहौल था और आम जनता कोरोना आपदा को भूल कर राम धुन में खो गयी हर घर रौशनी थी वही कुछ लोगो को जलन थी कुछ को मलाल था तो कोई मुहूर्त की बात करते हुए मनमानी का आरोप लगा कर अपनी विकृत मानसिकता को उजागर कर रहा था इन सबके बीच सभी बातो को दरकिनार करते हुए सभी विवादों को अनदेखी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास कर हिन्दुओ की आस्था को मूर्त रूप देने के कार्य का शुभारम्भ कर दिया .
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के दिलोमे है और इसका साकष्ट प्रमाण है लोकसभा का २०१९ का आम चुनाव जिसमे भारत के कई प्रदेशो में भाजपा की सत्ता ना रहते हुए भी जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दिया और पूर्ण बहुमत से देश की कमान मोदी के हाँथ सौपी . आज के माहौल की बात करे तो आज भी भारत की जनता देश की कमान नरेंद्र मोदी के हाँथ में आने वाले चुनाव में भी देगी ऐसा ही प्रतीत हो रहा है . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान भारत के करिश्माई नेता है जिनके आगे भाजपा के अन्य नेता सही विपक्ष के सभी नेता बौने है .
किन्तु इसी भारत में मोदी के अनुयायी के कुछ ऐसे रूप है जो मोदी की छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आते चाटुकारिता की सारी हदे पार कर अपरोक्ष रूप से हुन्दुओ की भावना को ठेंस पहुंचा ही देते है . कुछ दिनों पहले ऐसे ही भाजपा के कद्दावर नेता ने मोदी की तुलना सुरों के देवता ( महादेव ) से कर दी जबकि स्वयं पीएम मोदी माँ दुर्गा के उपासक है और महांकाल के भक्त ऐसे में महाकाल की बराबरी का स्वयं मोदी भी नहीं सोंच सकते किन्तु चाटुकारिता करने वाले अपनी राजनैतिक स्थिति को सुरक्षित रखने ये हदे भी पार कर गए . ऐसा ही किस्सा अभी हाल ही में हुआ जिन प्रभु श्री राम की चरणों में पी मोदी ने दंडवत प्रणाम करते है उसी राम लला को रास्ता दिखाते हुए एक फोटो देश के वरिष्ठ पत्रकार और निजी चेनेल के मालिक रजत शर्मा ने अपने ट्वीट पर पोस्ट कर शब्दों का खेल खेल कर चाटुकारिता की मिसाल पेश कर दी हालाँकि इस पोस्ट के बाद रजत शर्मा का ये ट्वीट काफी ट्रोल हुआ . तस्वीर में ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे प्रभु श्री राम को राह दिखाते हुए उनके घर अयोध्या ले जा रहे है पीएम मोदी . क्या इस जगत में कोई भी ऐसा है जो प्रभु श्री राम को रास्ता दिखा सके जो जगत को रास्ता दिखाते है जो इन्सान क्या राजनितिक पार्टी को भी अपने नाम के सहारे सत्ता के शिखर पर बैठा देते है ऐसे प्रभु श्री राम को कोई राह दिखा सकता है . प्रभु श्री राम मर्यादा के देवता है किन्तु रजत शर्मा ने अपने पोस्ट में जिस तस्वीर को प्रकाशित किया वो क्या हिन्दू धर्म के लिए सही है क्या मोदी को बड़ा बताने के चक्कर में राम को छोटा कर रहे है वो भी उस राम को जिनके नाम के सहारे ही कइयो की जिन्दगी बदल जाती है वस राम के नाम का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्तव है सिर्फ नाम से ही पत्थर भी पानी में तैर जाते है ऐसे राम को मोदी से छोटा बताना कहा तक सही है .

रजत शर्मा देश के जाने मने वरिष्ठ पत्रकार है उन्होंने दुनिया देखी है विपरीत परिस्थिति में भी अपने आपको स्थापित किया है जब मोदी सिर्फ एक प्रदेश के मुखिया थे तब भी पत्रकारिता जगत में उनका नाम था किन्तु ५ अगस्त के उनके पोस्ट का मै पुरजोर विरोध करता हूँ . मेरी नजर में भगवान् राम से बड़ा कोइ नहीं चाहे वो मोदी हो चाहे वो रजत शर्मा हो .क्योकि राम अयोध्या में ही नहीं हर हिन्दू की आत्मा में वास करते है . प्रभु राम की ही माया होगी ये कि उनके स्थान पर कब कब क्या क्या होना है मेरे मत के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे कर्मो का ही नतीजा है कि उन्हें ये सौभाग्य मिला राम लला के भव्य मंदिर के निर्माण की पहली शिला उनके द्वारा रखा जाए .कब कब क्या होना है ये निर्धरित करने वाले राम ही है वो ही है जो अपने भक्तो को अर्श से फर्श और फर्श से अर्श कही भी पहुंचा सकते है जो पुरे जगत के राजा है उनके पास क्या कमी सब उनके ही आशीर्वाद से होता है राजा हो या फ़कीर हर कोई उनके सामने नतमस्तक है उनकी राह पर चलता है या चलने की कोशिश करता है . परितोष भी राम देते है सज़ा भी राम देते है उनका न्याय निश्छल है . जय श्री राम ( लेखक के निजी विचार )