दुर्ग / शौर्यपथ / केंद्र की मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता सँभालते ही स्वक्क्ष भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाने का कार्य तीव्र गति से आरम्भ करवाया था और भारत के ग्रामीण इलाको में स्वक्क्षता का सन्देश देते हुए हर घर शौचालय निर्माण के लिए सार्थक पहल की गयी ऐसे सार्थक पहल के तहत दुर्ग निगम के सब इंजिनियर भीम राव ने भी एक शौचालय का निर्माण करवाया . शौचालय भी ऐसे स्थान पर जो स्थान दुर्ग में नहीं है किन्तु निगम के सब इंजिनियर द्वारा शासन के मद का खुलकर दुरूपयोग करते हुए खालसा स्कूल के पीछे स्थित उद्यान में 49,625 रूपये की लगत से शौचालय का निर्माण करवाया गया यह निर्माण 2019 के द्वितीय तिमाही में हुआ .
इस शौचालय की सबसे ख़ास बात यह है कि शौचालय हर किसी को दिखाई नहीं देता इसका सबसे बड़ा कारण वह उद्यान है जो खालसा स्कूल के पीछे है . दुर्ग निगम के नक़्शे के अनुसार खालसा स्कूल के पीछे कोई सार्वजनिक उद्यान नहीं है फिर ऐसे में दुर्ग निगम के सब इंजिनियर भीम राव द्वारा आखिर किस स्थान पर शौचालय निर्माण कराया गया या फिर सिर्फ दस्तावेजो में ही शौचालय निर्माण करवा कर शासन के राजस्व की हेरा फेरी की गयी .
ऐसे सब इंजिनियर जो शौचालय निर्माण में भी निगम प्रशासन के दस्तावेजो में हेरा फेरी कर सकते है उस इंजिनियर के हाँथ में केंद्र सरकार की सबसे महत्तवपूर्ण योजना अमृत मिशन के कार्यो का भरोसा निगम आयुक्त बर्मन द्वारा किया जा रहा है . जबकि शौर्यपथ समाचार पत्र ने अमृत मिशन योजना के कार्य में हो रही लापरवाही पर निगम आयुक्त के संज्ञान में बात लाई गयी और निगम आयुक्त द्वारा जाँच की बात कही गयी किन्तु आज पर्यंत तक जाँच किसी दिशा में आगे बढ़ी हो ऐसा प्रतीत नहीं होता . क्या निगम आयुक्त दुर्ग में अमृत मिशन में हो रहे भ्रष्टाचार में मौन रहकर दुर्ग वासियों के दिलो में भविष्य तक एक कडवी याद बन कर रहना चाहते है क्योकि जिस तरह लापरवाही पूर्वक कार्य हो रहा है उससे सिर्फ दुर्ग की जनता ही परेशान होगी और आयुक्त के कार्यकाल को याद करेगी .
