दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के भिलाई में स्थित सुधीर सीटी स्कैन एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आपदा में अवसर की भरपूर तलाश जारी है . यहाँ कोविद के मरीज से सीटी स्कैन ( चेस्ट ) के शासन द्वारा तय दर से कही ज्यादा की रकम की मांग की जा रही है . ऐसा ही मामला वर्तमान में सामने आया जब कोविद संक्रमित मरीज जो कुछ दिनों पहले पोजिटिव था एवं वर्तमान में रिपोर्ट निगेटिव है फिर से चेस्ट पेन होने से भिलाई स्थित सुधीर सीटी स्कैन एंड रिसर्च सेंटर में जब जाँच कराने पहुंचा तो जांच के लिए 4000 की मांग की गयी मरीज के विरोध करने व शासन के तय दर बताने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन नहीं माना एवं साफ कह दिया कि शासन द्वारा ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं है जबकि प्रशासन द्वारा सभी निजी अस्पतालों को तय दर में ही जाँच करने का आदेश तीन चार दिन पहले ही दे दिया गया था .
ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि शासन ऐसे निजी अस्पताल जो आपदा में भी जेब भरने में लगे हुए है जिला प्रसासन किस तरह की कार्यवाही करता है .
बता दे कि राज्य सरकार ने कोरोना मरीजों के उपचार के दौरान हाई रिजाल्यूशन एचआरसीटी इंवेस्टिगेशन की आवश्यकता होने पर निजी चिकित्सालयों और डायग्नोस्टिक केंद्रों के लिए दरें निर्धारित की हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सीटी चेस्ट विदाउट कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 1,870 रुपये, सी टी चेस्ट विद कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 2,354 रुपये निर्धारित शुल्क रखा गया है। आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों द्वारा कोविड -19 मरीजों के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाए तथा आइसीएमआर एवं राज्य शासन द्वारा तय किए गए ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का पालन करते हुए केवल आवश्यक जांच ही कराई जाए। कोविड 19 मरीजों का आरटीपीसीआर, ट्रूनाट या फिर एंटीजेन टेस्ट केवल आइसीएमआर एवं राज्य शासन द्वारा अधिकृत पैथालॉजी केन्द्रों अथवा अस्पतालों में ही किया जाए। उपरोक्त आदेश का उल्लंघन एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897, छत्तीसगढ़ पब्लिक ऐक्ट1949 तथा छत्तीसगढ़, एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन एक्ट 2020 के तहत दंडनीय होगा।