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कांग्रेस में दरार अब भी बरकरार अतिथि की सूची से गायब हो गया पूर्व विधायक अरुण वोरा का नाम Featured

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दुर्ग । शौर्यपथ । राजनीति में कब क्या हो जाए इसका पल भर भी विश्वास नहीं किया जा सकता एक पल में राजा तो एक पल में रंक की स्थिति निर्मित हो जाती है 50 सालों से दुर्ग कांग्रेस की राजनीति में अरुण वोरा परिवार का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता रहा है परंतु विधानसभा चुनाव में बड़ी हार के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे पूर्व विधायक अरुण वोरा से कांग्रेसी ही अब दूरी बनाने लग गए हैं हाल ही में शहीद हेमू कालाणी की मूर्ति के लोकार्पण के समय भी पूर्व विधायक को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वह हकदार थे बता दें कि शहीद हेमू कालाणी के मूर्ति स्थापना में पूर्व विधायक की राशि भी समाहित थी अब एक नया मामला सामने आया जिसमें दुर्ग नगर पालिक निगम द्वारा प्रतिवर्ष हांकी खेल महापौर ट्रॉफी का आयोजन किया जाता है । प्रदेश में भले ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार अस्तित्व में आ गई है परंतु प्रदेश के 11 निकायों में अभी भी शहरी सरकार के रूप में कांग्रेस की सरकार बरकरार है दुर्ग नगर पालिक निगम में भी कांग्रेस की सरकार वर्तमान समय में कार्यभार देख रही है और दुर्ग नगर पालिक निगम के महापौर से लेकर एम आई सी सदस्यों के चयन में पूर्व विधायक अरुण वोरा की महती भूमिका थी । यहां तक दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में किसे टिकट देना है इस पर भी विधायक के रूप में अरुण वोरा के राय को महत्व दिया गया था परंतु अभी हाल ही में दो महीना पहले हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अरुण वोरा चुनावी मैदान में थे और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी गजेंद्र यादव से एक बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा इस एक हर ने दुर्ग शहर में कांग्रेस की राजनीति में गोरा परिवार को अर्श से लेकर फर्श तक पहुंचा दिया ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि आज 13 तारीख को नगर पालिक निगम के तत्वाधान में महापौर ट्राफी का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वर्तमान विधायक गजेंद्र यादव का नाम तो है वही अध्यक्षता के रूप में दुर्ग नगर पालिक निगम के महापौर धीरज बाकलीवाल का नाम शामिल है परंतु अगर विशिष्ट अतिथि के रूप में देखा जाए तो पूर्व विधायक अरुण वोरा का नाम का ना होना नगर निगम क्षेत्र में एक चर्चा का विषय बन गया और यह चर्चा होने लगी की राजनीति में कैसे-कैसे दिन देखने को आते हैं जिसमें 50 सालों से दुर्ग कांग्रेस का ही नहीं पूरे प्रदेश के कांग्रेसी वोरा निवास के अचानक एक हार के बाद आज वोरा परिवार के सदस्य और तीन बार के विधायक रहे अरुण वोरा का नाम शहरी सरकार के मौजूद रहने के बाद भी नगर पालिका निगम के आमंत्रण पत्र में कहीं भी उचित स्थान नहीं मिला यह चर्चा इसलिए जोर पकड़ रही है कि जब इस आमंत्रण पत्र में राजेंद्र साहू जो कि पूर्व अध्यक्ष केंद्रीय ग्रामीण बैंक के उनके नाम को स्थान दिया गया परंतु तीन बार के विधायक और कांग्रेस के आधार स्तंभ माने जाने वाले अरुण वोरा का नाम आमंत्रण पत्र में ना होना चर्चा का विषय तो बन ही गया साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव में यह भी साफ नजर आ गया कि कांग्रेस में अंदरुनी जंग अभी भी जारी है ऐसा नहीं है कि वर्तमान समय में अरुण वोरा के समर्थकों की कमी है आज भी शहर में अरुण वोरा के समर्थकों का अंबार लगा हुआ है यह अलग बात है कि आज अरुण वोरा के सितारे गर्दिश में है तो उनके नाम को भी महत्व नहीं दिया जा रहा है परंतु इसे राजनीति कहते हैं और राजनीति में एक पल में क्या से क्या हो जाए कोई कह नहीं सकता देखना यह है कि आने वाले समय में दुर्ग कांग्रेस की यह अंदरूनी लड़ाई और विकराल रूप लेती है या फिर कांग्रेस एकजुट होकर लोकसभा की तैयारी करेगी ।

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शौर्यपथ