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‘बिजली बिल हाफ’ योजना में आधी छूट का लाभ ज़ारी रहेगा व्यर्थ बिजली का उपभोग करने वाले घरेलु उपभोक्ता की जेब होगी ढीली , सरकार का राजस्व नुक्सान होगा कम Featured

  • rounak group

समाचार सार
प्रदेश में बिजली हुई महँगी , घरेलु उपभोक्ताओ को 20 तो किसानो को 25 पैसे देने होंगे अधिक
अब आम जनता को लगेगा बिजली का करेंट , किसानो को भी नहीं मिली रियायत
बिजली दरों में औसतन 8.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी ,01 जून से लागू होगी बढ़ी हुई दरे
राज्य सरकार ने वितरण कंपनी के सकल राजस्व घाटे को कम करने के लिए 2024-25 के लिए एक हजार करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति करने का फैसला

    रायपुर / शौर्यपथ / परदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में बिजली की दरो में वृद्धि की वही बिजली बिल हाफ योजना को भी बरकरार रखा गया . प्रदेश सरकार के इस फैसले से ऐसे परिवारों को कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ेगा जो व्यर्थ बिजली का उपभोग से बचते है . सामय रूप से आवश्यकतानुसार बिजली खर्च करने वालो को पूर्ववर्ती सरकार की बिजली बिल हाल्फ योजना का फायदा मिलेगा अगर उनके द्वारा खर्च बिजली यूनिट तय मानक सीमा के अन्दर रहेगी वही व्यर्थ बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ता को मानक यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने पर अधिक राशि का भुगतान करना होगा . प्रदेश सरकार के इस फैसले से सरकार अपने घाटे को काम करेगी जिससे सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी वही विकास की दिशा में इसका सदुपयोग होगा .
      छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने शनिवार को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 8.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नई दरें एक जून से प्रभावी हो गई हैं। सीएसईआरसी ने पिछले साल बिजली दरों में संशोधन नहीं किया था। सीएसईआरसी के सचिव एसपी शुक्ला ने बताया कि सभी उपभोक्ता श्रेणियों में पिछली दरों की तुलना में बिजली दरों में औसतन 8.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
       बता दे कि राज्य में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण के लिए तीन सरकारी कंपनियों द्वारा बिजली सेवाओं का प्रबंधन किया जाता है। शुक्ला ने बताया कि राज्य सरकार ने वितरण कंपनी के सकल राजस्व घाटे को कम करने के लिए 2024-25 के लिए एक हजार करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति करने का फैसला किया है। नतीजतन, वितरण कंपनी को 2024-25 के लिए मौजूदा दर पर 1819 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने का अनुमान है।
कितनी वृद्धि हुईआयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली खपत की सभी श्रेणियों में 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि की गई है। कृषि पंप कनेक्शन के लिए टैरिफ में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शन के लिए ऊर्जा शुल्क पर 20 प्रतिशत की रियायत जारी रहेगी। एलवी-पांच और एचवी-पांच श्रेणियों के तहत पोहा और मुरमुरा मिलों के लिए ऊर्जा शुल्क पर पांच प्रतिशत की छूट लागू रहेगी। उच्च वोल्टेज स्टील उद्योगों की बिजली दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
बयान में कहा गया है कि राज्य में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इकाइयों के लिए टैरिफ 6.92 रुपये प्रति यूनिट रखा गया है। ग्रामीण और आदिवासी बहुल सरगुजा (उत्तर छत्तीसगढ़) और बस्तर (दक्षिण छत्तीसगढ़) क्षेत्रों में अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए पांच प्रतिशत की छूट जारी रहेगी।

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक अप्रैल, 2019 के बाद मोबाइल टावरों की स्थापना पर ऊर्जा शुल्क पर दी जा रही 50 प्रतिशत छूट को घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा संचालित औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को ऊर्जा शुल्क पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए ऊर्जा शुल्क पर 15 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई ‘बिजली बिल हाफ’ योजना में आधी छूट का लाभ मिलता है।

कांग्रेस ने बोला हमलाबिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए सत्ताधारी दल भाजपा की आलोचना करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत के दामों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दिया है, यह अनुचित है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ का आम आदमी परेशान हो गया है। साय सरकार नागरिकों को हर तरफ से परेशान करने की नीयत से काम कर रही है।

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शौर्यपथ