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शहर की जनता दुर्गन्ध से परेशान आखिर कब नींद खुलेगी विधायक यादव की Featured

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विष्णुदेव साय सरकार के सुशासन में दुर्ग निगम प्रशासन द्वारा करोडो के घोटाला की संभावना ,होनी चाहिए निष्पक्ष जाँच
शहर के मध्य कचरे की चिंता नहीं भावभूमि के करीब पड़े कचरे लाखो टन कचरे को चंद दिनों में बनाया ग्रीन लैंड
आचार संहिता के बीच ही अपने करीबियों को भाव पत्र के खेल में दिया लाखो का कार्य और विभिन्न मदों से किया भुगतान
गौठान के सैकड़ो गायो के चारागाह की जमीन को भावभूमि कालोनी के लिए किया घेरा युक्त ग्रीन लैंड

भावभूमि कालोनी को डेव्ह्ल्प करने में आखिर इतनी रूचि क्यो दिखा रहा निगम प्रशासन
मुख्यमंत्री साय के सुशासन की जमीनी स्तर पर साकार क्यो नहीं कर रहे विधायक गजेन्द्र यादव

  दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में घोटाला कोई नई बात नहीं है घोटालो का सिलसिला इतनी तेजी से अपनी राह में चल रहा है कि अब निगम के जिम्मेदार अधिकारियों सहित प्रशासनिक मुखिया के भी इन घोटालो में शामिल होने की सुचना मिल रही है . अपने पद का लाभ किस तरह उठाया जा रहा है और निगम के लाखो करोडो रूपये के राजस्व का उपयोग निजी कालोनी वालो की सुविधा के लिए किया जा रहा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के पुलगांव में वर्तमान समय में एक बड़ी कालोनी का निर्माण हो रहा है जहां एक एक प्लाट / बिल्डिंग की कीमत करोडो रूपये बताई जा रही है . ऐसे कालोनी के लिए दुर्ग निगम अपने सारे कार्य छोड़ उनकी इस कालोनी को विकसित करने के लिए प्रशासन के राजस्व का उपयोग करने से भी नहीं चुक रहा .
शहर में कचरा निष्पादन एक बड़ी समस्या रही है . आज भी शहर के मध्य सुराना कॉलेज के सामने कचरे और बदबू से आम जनता परेशान है किन्तु एसी वाहन में सफ़र करने वाले निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर को शहर के दूर पुलगांव में एकत्र कचरे की अचानक इतनी फ़िक्र हो गई कि आचार संहिता के बीच ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा भाव पत्र के माध्यम से कचरा उठाया गया और यह कार्य इतनी तेजी से हुआ कि चंद दिनों में ही लाखो टन कचरा साफ़ भी कर दिया गया एवं समतली करण कर दिया गया .
जब मामले की सच्चाई से ज्ञात होने शौर्यपथ की टीम मौके पर पहुंची तो वहा नजारा कुछ और ही था . गौठान के सामने के जगह को समतली करण कार्य जोरो पर चल रहा जिसमे निगम से तो भुगतान हो रहा साथ ही इस कार्य में सारी मशीनरी भावभूमि कंपनी की उपयोग की जा रही थी .
भावभूमि कालोनी संचालको और आयुक्त लोकेश चंद्राकर की सहमति साफ दर्शा रही है कि भावभूमि कालोनी के लिए अच्छा माहौल तैयार करने आयुक्त दुर्ग निगम द्वारा स्वास्थ्य विभाग की मदद से आनन फानन में यह कार्य किया जा रहा है .
एक तरफ प्रदेश की नई भाजपा सरकार यह दावा कर रही है कि सुशासन आएगा वही दुर्ग निगम आयुक्त गौठान के सैकड़ो जानवर के चारागाह की जमीन पर तार फेंसिंग का कार्य होते देख मौन है . शासकीय जमीन पर भावभूमि कालोनी के संचालको द्वारा तार फेंसिंग किस आधार पर किया जा रहा है जो कि पुर्णतः अवैधानिक है और इतना सब देखते हुए भी स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली निगम आयुक्त का ना सिर्फ मौन रहना अपितु जमीन की सफाई और समतलीकरण के लिए शासकीय राशि का भी उपयोग कर एक निजी कालोनी को फायदा पहुँचाना लाखो करोडो रूपये के लेन देन की ओर इशारा कर रहा है जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और शासकीय पद का दुरूपयोग करने वालो पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए .
महापौर / स्वास्थ्य प्रभारी / गौठान समिति सदस्य को भी नहीं जानकारी
एक तरफ इतना बड़ा कार्य हो रहा शहर की जनता दुर्गन्ध से परेशां है वही निगम प्रशासन के शहर से दूर स्थित डंपिंग यार्ड की सफाई और तार फेंसिंग व पौधा रोपण की जानकारी शहर के प्रथम नागरिक महापौर धीरज बाकलीवाल , स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर गौठान समिति के सदस्य दीपक साहू को भी नहीं है आखिर ऐसी क्या वजह है कि निगम आयुक्त द्वारा शहरी सरकार के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई . वही निगम के विभिन्न मदों से सफैकारने वाले ठेकेदार को भी भुगतान कर दिया गया .
निष्क्रिय विधायक का खामियाजा भुगत रहा दुर्ग शहर ...
बड़े बड़े वादों के साथ चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र यादव पर शहर की जनता ने भरोसा किया किन्तु दुर्ग निगम क्षेत्र जो कि दुर्ग विधान सभा क्षेत्र के सामानांतर है ऐसे में शहर की व्यवस्था और सुशासन की जिम्मेदारी दुर्ग विधायक की भी बनती है किन्तु पिछले छह महीनो से दुर्ग नगम में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आने के बाद भी दुर्ग विधायक का किसी भी मामले पर संज्ञान ना लेना शहर में चर्चा का विषय है . शहर की जनता के साथ साथ अब कई भाजपा पार्षद भी विधायक गजेन्द्र यादव की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट है . एक तरफ जातिगत आधार पर प्रदेश में दुर्ग विधायक के मंत्री बनने की खबर चार रही वही दूसरी तरफ यह भी चर्चा का विषय है कि क्या जो विधायक दुर्ग विधान सभा क्षेत्र की अव्यस्तता पर निष्क्रिय है वो पुरे प्रदेश में मिलने वाले विभाग के प्रति सक्रीय रहेंगे .
अचानक एक नए ठेकेदार की एंट्री और विधायक से सम्बन्ध चर्चा का विषय ...
इस बीच निगम के ठेकेदारों में चर्चा का विषय है कि अचानक से एक नए ठेकेदार का निगम में उदय हुआ जिसे कचरा सेंटर का ठगड़ा बाँध , इसएलआरएम सेंटर आदि के कार्यो में प्राथमिकता दी जा रही जिसे विधायक के करीबी होने का दावा किया जा रहा है स्थिति यहाँ तक है कि इस नए ठेकेदार की कंपनी को तुरंत भुगतान भी कार डिया जा रहा है जबकि कई ठेकेदार ऐसे है जिन्हें भुगतान के लिए महीनो इंतज़ार करना पड़ रहा है . भुगतान की प्रक्रिया भी ऐसी कि किसी भी मद से हो भुगतान जरुरी जो कि जाँच का विषय है .
भावभूमि की संलिप्तता और निगम प्रशासन की सहमती के कई तथ्य शौर्यपथ समाचार के पास उपलब्ध है जो आने वाले अंको में खुलासे होते रहेंगे ...

   

उक्त फोटो से ही आसानी से समझा जा सकता है कि एक हफ्ते में ही पुरी स्थिति भावभूमि के लिए किस तरह माकूल बना दी गई और उक्त राशि का खर्च निगम प्रशासन के विभिन्न मदों से भुगतान भी कर दिया गया . 

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Last modified on Tuesday, 11 June 2024 10:23
शौर्यपथ