दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग नगर पालिक निगम में भ्रष्टाचार के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं परंतु दुर्ग नगर पालिका निगम के प्रशासनिक मुखिया आयुक्त चंद्राकर द्वारा भ्रष्टाचार के किसी मामले पर कोई कड़ी कार्यवाही की गई हो ऐसा कहीं नजर नहीं आता .भ्रष्टाचार के एक दो मामले हो तो बात अलग परंतु पिछले 6 महीना में भ्रष्टाचार के कई मामले लगातार सामने आते हैं और यह गति वर्तमान समय में भी निरंतर जारी है एक तरफ दुर्ग नगर पालिका निगम की आयुक्त कार्रवाई के नाम पर शून्य नजर आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ शहर में अतिक्रमण का मामला लगातार बढ़ रहा है विभाग में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जिसका विरोध सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के पार्षद भी कर चुके हैं परंतु किसी भी मामले पर आयुक्त लोकेश चंद्राकर द्वारा कोई कड़ी कार्यवाही की गई हो ऐसा नजर नहीं आता लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने के पहले बजरंग दल शिवसेना के तत्वाधान में भ्रष्टाचार के नौ मामले के साथ नगर पालिका निगम आयुक्त को ज्ञापन भी दिया था परंतु नगर पालिक निगम द्वारा कहीं भी कार्यवाही की गई हो ऐसा नजर नहीं आता .आज भी दुर्ग शहर में रैन बसेरा और आश्रय स्थल शासन के नियमों के विरुद्ध खुलेआम संचालित हो रहे हैं परंतु निगम आयुक्त मौन है .शहर के जिला अस्पताल परिसर के सामने कीमती जमीन पर गुमठी आवंटन की प्रक्रिया में खुलेआम मनमानी की गई परंतु कार्रवाई तो दूर इसकी जांच भी हुई हो ऐसा कहीं नजर नहीं आता जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि नगर पालिका निगम के कर्मचारियों के रिश्तेदारों ने भी जिनकी पृष्ठभूमि स्ट्रीट वेंडर कि नहीं थी को दुकान दी गई . फूड जोन के नाम पर चर्च के सामने दुकान भी भ्रष्टाचार का भेट चढ़ गया आज फूड जोन में फ्रूट मार्केट की जगह होटल है गैराज कैरम क्लब जैसे व्यापार आरंभ हो गए परंतु नगर पालिका निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर मौन है .शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की बात सिर्फ कागजो में कही जाती है परंतु आज मार्गो में अतिक्रमण का बोलबाला है परंतु आयुक्त मौन है .शहर को दुर्गंध की ओर धकेल कर शहर के दूर पुलगांव गौठान के पास के कचरो को अचानक साफ कर दिया गया और इसमें इतनी जल्दबाजी की गई थी आचार संहिता के बीच ही भाव पत्र के माध्यम से चहेतो को ठेका देकर लाखों रुपए निगम ने खर्च भी कर दिए जबकि वहीं समीप के निर्माणाधीन कॉलोनी के संचालकों सुपरवाइजरों का यह कहना है कि यह सारा कार्य हमारी कंपनी द्वारा किया गया ऐसे में कचरा उठाने सफाई करने में भी कहीं ना कहीं बड़े भ्रष्टाचार की दुर्गंध नजर आ रही है .
निगम आयुक्त अतिक्रमण पर कार्यवाही की बात करते हैं परंतु इसी गौठान के सामने गौवान्शो के चारागाह की भूमि पर महावीर ग्रुप द्वारा तार फेंसिंग के लिए खंबे गाढ़ दिए गए और पौधों रोपण कर दिया गया परंतु आयुक्त लोकेश चंद्राकर मौन है ऐसा नहीं है की आयुक्त महोदय को स्थिति की जानकारी नहीं दी गई जब कार्य आरम्भ हो रहा था तभी शौर्यपथ समाचार पत्र ने पूरे फोटो लोकेशन सहित भेजें परंतु आयुक्त महोदय द्वारा कार्यवाही तो दूर आज संचालकों द्वारा यहां पर पौधारोपण कर एक प्रकार से चारागाह की जमीन को अपरोक्ष रूप से कब्जा कर लिया गया परंतु आयुक्त लोकेश चंद्राकर मौन है इंदिरा मार्केट बाजार की स्थिति बादल है सड़कों तक व्यापारी सामान निकाल कर व्यापार कर रहे हैं परंतु नगर पालिका निगम प्रशासन मौन है।
प्रदेश की विष्णु देव सहाय सरकार ने सुशासन का वादा किया और सरकार की तरफ से लगातार सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है परंतु सुशासन की राह में दुर्ग नगर पालिक निगम प्रशासन सरकार को आइना दिखाती प्रतीत हो रहा है शहर की बदहाल व्यवस्था के बावजूद दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव जो जनप्रतिनिधि होने के नाते आम जनता की परेशानियां को संज्ञान ना लेते हुए मौन साधना कहीं ना कहीं शहर में चर्चा का विषय है दुर्ग शहर की आम जनता को अब इंतजार है उसे सुशासन का जिसकी बात सत्ता में काबिज होते समय प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय ने किया था ..