दुर्ग / शौर्यपथ / कार्यवाही में दोहरा मापदंड अपनाकर आखिर निगम प्रशासन क्या सन्देश देना चाहता है क्या संबंधो के आधार पर निगम प्रशासन कार्यवाही को अंजाम दे रहा है . ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योकि हाल ही में निगम प्रशासन ने सड़क के किनारे निर्माणाधीन भवन के रेत जो अल्प समय के लिए ही रहते है पर सफाई और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने जुर्माना लगा दिया किन्तु अगर दूसरी तरफ देखा जाए तो जिस मार्ग से आयुक्त महोदय रोज आवागमन करते है उस मार्ग पर जो एक समय लोककला के साईं द्वार चौराहे पर अवैध रूप से अतिक्रमण करते हुए अस्थाई मीटर लगा कर व्यापार किया जा रहा है जिसके कारण यातायात तो प्रभावित होता ही है साथ ही कई बार दुर्घटना का कारण भी बनता है चौक में अतिक्रमण कर दूकान चलाने वाले के कारण चौराहा यातायात के दबाव में रहता है किन्तु यह अतिक्रमण और बिगडती यातायात व्यवस्था ना तो आयुक्त लोकेश चंद्राकर को नजर आ रही है और ना ही निष्क्रिय बाजार अधिकारी चन्दन मनहरे को नजर आ रही है यह तो एक ही मामला है ऐसे अनेक मामले है जिसमे निगम प्रशासन द्वारा दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है . क्या लोकेश चंद्राकर सही में शहर की व्यवस्था सुधार रहे है या भेदभाव के आगोश में कार्यवाही का निर्देश दे रहे है या फिर पुलगांव गौठान में अचानक कचरा साफ़ कर उद्यान बनने के मामले को दबाने की कोशी कर रहे है क्योकि शौर्यपथ समाचार के पास पर्याप्त प्रमाण है कि कचरों का स्थानान्तरण से ज्यादा गौठान के पास ही चारागाह की भूमि में बड़े बड़े गड्ढे कर कचरे को छुपाया गया और परिवहन के नाम पर लाखो का भुगतान किया गया .
बड़ा सवाल यह है कि शहर को दुर्गन्ध के हाल में छोड़ कर कैसे कोई सवैधानिक पद में आसीन अधिकारी शहर से दूर गौठान के सामने के कचरे के ढेर को आचार संहिता के समय साफ़ करवा लिया वही आश्चर्य की बात यह है कि कार्य का अंतिम दिन ०३ जून लोकसभा परिणाम आने के एक दिन पहले ख़त्म हो गया वही जहाँ कर्मचारियों तथा अन्य ठेकेदारों के भुगतान में विलम्ब हो रहा उक्त ठेकेदार का पूर्ण भुगतान भी हो गया वही इस महत्तवपूर्ण कार्य की जानकारी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि महापौर धीरज बाकलीवाल , स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर गौठान समिति के सदस्य दीपक साहू को भी नहीं ऐसे कई सवाल है जो संदेह पैदा करते है निगम प्रशासन की कार्य प्रणाली के ...
21 मई को गौठान में कचरे की हालत
09 जून की स्थिति
साईं द्वार चौक की यातायात की स्थिति