दुर्ग / शौर्यपथ / पैसा और सम्बन्ध आज की दुनिया में दो ऐसे पहलु है जो इंसान को करीब भी लाते है और दूर भी करते है कुछ ऐसा ही मामला इन दिनों दुर्ग के दो परिवारों में चल रहा है जहा शिकायतों और एफआईआर का सिलसिला लगातार दोनों पक्षों में जारी है मामला है उरला निवासी देवेन्द्रपाल सिंह लूथरा और दूसरा पक्ष शहर के दो बड़े ट्रांसपोर्टर फिरोज राठौर और सुखदेव सिंह के बीच पैसे के लेन देन को लेकर चल रहे विवाद को लेकर अपनी चरम सीमा में है क्योकि यह लेन देन तकरीबन 50 लाख का है जिसमे कुछ रकम आरटीजीएस से हुई तो कुछ रकम की लिखापढ़ी की बात सामने आ रही है इस विवाद में शहर के प्रतिष्ठित व्यक्ति परवाना बंधू दोनों एफआईआर में गवाह के रूप में सामने आये है वही आरोपी के द्वारा भी इनकम टेक्स में शिकायत कर इतनी बड़ी रकम के स्रोत की बात कही गयी है .
एफआईआर और शिकायत के इस दौर में एक और एफआईआर की बात की शंका जाहिर करते हुए देवेन्द्र पाल की पत्नी ने मोहन नगर थाने में शिकायत की और शिकायत का आधार उस काल रिकार्डिंग को बताया जिसमे देवेन्द्र पाल के बड़े भाई को गवाह द्वारा फोन पर एक और एफआईआर की बात कही गयी . देवेन्द्र पाल की पत्नी द्वारा शौर्यपथ समाचार पत्र को एक ऑडियो (काल रिकार्डिंग ) भेजा गया जिसमे एक और एफआईआर करके देवेन्द्र पाल लूथरा को घेरने की बात कही गयी वही इस बारे में जब परवाना बंधू से चर्चा हुई तो उनके अनुसार ऐसी किसी बात की अनिभिज्ञता जताया गया . किन्तु इसी बात को आधार मान कर देवेन्द्र पाल की पत्नी द्वारा धमकी देने और झूठे केस में फ़साने की की शिकायत मोहन नगर थाना में दो हफ्ते पहले कर दी गयी किन्तु आज तक इस शिकायत पर किसी तरह की कोई जाँच या कार्यवाही की जानकारी श्रीमती लूथरा को प्राप्त नहीं हुई है .
आखिर गवाह क्यों है परेशान ...
इस लाखो के लेन देन में पीडि़त व्यति द्वारा किसी भी तरह का कोई ऐसा कार्य नहीं किया गया जिससे आरोपी देवेन्द्र पाल के परिवार वालो को तकलीफ हो साल भर पहले हुई एफआईआर में जिसमे प्रार्थी फिरोज राठौर है के द्वारा अपनी शिकायत और एफआईआर के बाद न्यायालय के न्याय की उम्मीद में मौन है वही माह भर पहले सुखदेव द्वारा भी एफआईआर के बाद न्यायालय के फैसले का इंतज़ार है किन्तु इन दोनों मामले में परवाना बंधू पर धमकी और झूठे केस में फ़साने की शिकायत आखिर देवेन्द्र लूथरा की पत्नी ने क्यों की क्या एक महिला की शिकायत पर मोहन नगर पुलिस मामले को संज्ञान में लेगी या मौन रहेगी . अभी कुछ दिन पहले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा महिला के साथ न्याय और सम्मान की बात को लेकर कड़े कानून बनाने की पहल की गयी किन्तु उन्ही मुख्यमंत्री के गृह जिले में एक महिला की शिकायत पर जाँच प्रक्रिया क्यों शिथिल है ...