दुर्ग / शौर्यपथ / हिंदू धर्म में शारदेय नवरात्र को बड़े ही आस्था के साथ मनाया जाता है शारदेय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है जगह-जगह बड़े-बड़े पंडाल लगाए जाते हैं धर्म और आस्था के इस महापर्व में एक और जहां आस्था की पूजा की जाती है वहीं कुछ व्यापारियों द्वारा इस आस्था के पीछे भी अपने व्यापार को बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिश की जाती है बड़े-बड़े होटलों में नवरात्रि के पर्व पर डांडिया नृत्य का आयोजन किया जाता है और एक इसे एक इवेंट का नाम दिया जाता है इसके जरिए अपने होटल में कार्यक्रम करवाकर अपने होटल के व्यापार को बढ़ाने का तरीका ढूंढा जाता है .
धर्म के इस पावन पर्व पर आस्था का सहारा लेकर व्यापार करना और डांडिया के नाम पर अश्लील गानों में नृत्य करने जैसे कई मामले सामने भी आ चुके हैं जिन पर प्रशासन द्वारा सख्ती से कार्यवाही भी कर रही है .
बता दे कि हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा गणेश पक्ष पर डीजे प्रतिबंधित कर दिया गया था एवं रात्रि 10:00 बजे के बाद के किसी भी ऐसे तेज आवाज के आयोजनों पर रोक लगा दी गई थी यही प्रक्रिया वर्तमान समय में अपनाई जा रही है एवं प्रशासन द्वारा रात्री 10 बजे तक की अनुमति दी जा रही है . परंतु वहीं दूसरी ओर कई बड़े होटलों के संचालकों द्वारा देर रात तक आस्था के नाम पर महंगे महंगे टिकट बेचकर इवेंट कराया जा रहे हैं . ऐसा ही एक आयोजन 6 अक्टूबर दिन रविवार को दुर्ग शहर के बड़े होटलों में शुमार रोमन पार्क में डांडिया का एक बड़ा इवेंट हो रहा है जिस पर महंगे टिकट्स बेचे जा रहे हैं . वही जिला प्रशासन द्वारा रोमन पार्क के संचालकों को इस इवेंट के लिए 10:00 बजे रात तक की अनुमति प्राप्त हुई है . परंतु विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह इवेंट देर रात तक चलने की बात कही जा रही है . इस बात को इस लिए भी बल मिलता है कि बेचे जा रहे पास में दिए गए समय अनुसार इवेंट का समय 8:00 बजे से आरंभ बताया जा रहा है जो कि शुरू होते होते लगभग 9:00 बज जाएगा इस इवेंट में टिकिट धारको को रात्री का भोजन भी शामिल है ऐसे में यह चर्चा जोरो पर है कि आस्था के नाम पर होने वाला यह इवेंट देर रात तक जारी रहेगा .
बड़े बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिया गया फ्री पास ...
वही ऐसी भी खबर सामने अ रही है कि रात 10 बजे के बाद भी नियम विरुद्ध इस इवेंट को संचालित करने के लिए होटल संचालको द्वारा शासकीय कार्यालयों में और जन प्रतिनिधियों को फ्री पास दिया गया है ताकि संचालन नियम विरुद्ध देर रात तक सुचारू रूप से संचालित हो सके . अब देखना यह है कि होटल संचालको द्वारा दिया गया फ्री पास आस्था के नाम पर हो रहे इस इवेंट में कितनी मदद करता है या फिर जिला प्रशासन रात्री 10 बजे के बाद अगर इवेंट जारी रहता है तो इसे रोकता है या नहीं या फिर होटल संचालको द्वारा शासन के नियमो का पालन करते हुए रात्रि 10 बजे के बाद इवेंट को समाप्त क्र अन्य आयोजको के लिए एक मिसाल बनेगा ? .