दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में आज भी अगर विकास के कार्यों की बात की जाती है तो महापौर के रूप में सुश्री डॉक्टर सरोज पाण्डेय की बात की जाती है सुश्री डॉक्टर सरोज पाण्डेय के कार्यकाल में दुर्ग शहर में जो बदलाव हुए थे और विकास के कार्य हुए थे उसकी चर्चा वर्तमान समय में भी होती है ऐसे में डॉक्टर सरोज पाण्डेय के बाद दुर्ग निगम में ऐसा कोई महापौर नहीं बना जो सक्रिय राजनीति से जुड़कर महापौर के पद तक पहुंचा हो .
सुश्री डॉक्टर सरोज पाण्डेय के बाद शिव तोमर ,श्रीमती चंद्राकर और धीरज बाकलीवाल तीनों के ऊपर ही रिमोट कंट्रोल सरकार चलाने का आरोप लगता रहा. ये तीनो महापौर सक्रीय राजनीतिक के क्षेत्र में ना होते हुए भी महापौर पद पर आसीन हुए और जब तक कार्यों को समझ पाते तब तक उनका कार्यकाल समाप्त हो गया .
दुर्ग की जनता के बीच महापौर बनने के पहले पहचान बनाने वाले महापौर में 15 साल बाद दुर्ग शहर को अब एक ऐसा महापौर मिला है जो जिसे आम जनता पहले से जानती है ऐसे में अब दुर्ग शहर की जनता को श्रीमती अलका वाघमार से काफी उम्मीदें हैं वहीं श्रीमती अलका वाघमार के सामने कई चुनौतियां है जिस पर विजय पाने में श्रीमती अलका वाघमार किस रणनीति के तहत कार्य करती हैं और अपने शहरी सरकार के मंत्रियों का चयन किस आधार पर करती है यह उनके विवेक पर निर्भर है.
वहीं वर्तमान स्थिति में शहर की जनता अब यह उम्मीद कर रही है कि एक सक्रिय राजनीति की भूमिका का निर्वहन करने के बाद अब शहर की प्रथम नागरिक के रूप में श्रीमती अलका वाघमार शहर के ऊन विकास कार्यों को गति प्रदान करेगी जो सालों से अधूरे हैं .शहर के उन बदहाल उद्यानों के तरफ ध्यान देंगे जो बदहाली स्थिति में है शहर में बढ़ते अतिक्रमण एवं पूर्व की सरकारों के घोटाले पर कड़ी कार्रवाई अवैधानिक कार्यों और निगम में चल रहे कमीशन खोरी में नाम आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और शहर के हित में काम करने के लिए अपनी टीम एवं अधिकारियों के साथ मिलकर एक सुशासन की स्थापना जैसी जिम्मेदारियां श्रीमती अलका वाघमार महापौर नगर पालिका निगम दुर्ग के ऊपर है .
ऐसे में अब शपथ ग्रहण के बाद श्रीमती अलका वाघमार शहर को और शहर के विकास को किस दिशा में ले जाएंगी यह आने वाले वक्त में पता चल जाएगा वर्तमान में शहर की जनता को श्रीमती अलका वाघमार से काफी उम्मीदें हैं और सभी की यही आशा है कि श्रीमती अलका वाघमार अपने कार्यशैली से शहर को एक खूबसूरत शहर बनाने और निगम में चल रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने , अधिकारियो के मनमानी पर रोक लगाने , बाजार की स्थिति सुधरने जैसे जनहित के कार्यो को अंजाम तक पहुंचाने में अपना अहम योगदान देंगी .