डीएनए रिपोर्ट से हुआ खुलासा चाचा ही निकला दरिंदा
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग ओम नगर की मासूम बच्ची के साथ हुए दिल दहला देने वाली घटना में दुर्ग पुलिस की सहन शीलता और काबिलियत एक बार फिर सभी के सामने आ गई . घटना के बाद लगातार स्थितिया बदलती रही कभी सामजिक रंग सामने आने लगा , कभी राजनितिक रंग देखने को मिला किन्तु दुर्ग पुलिस ने सभी बातो को नजर अंदाज करते हुए मासूम बच्ची के हत्यारे को पकड़ने के लिए अपना पुरा ध्यान केन्द्रित कर रखा था , मीडिया में तरह तरह की बातो का , सामजिक संगठनो के विरोध सहित बिगडती स्थिति को काबू में करते हुए दुर्ग पुलिस ने जाँच की दिशा में कभी अपने कदम बहकने नहीं दिए और अन्तह दुर्ग पुलिस सहित समाज के हर वर्ग की एक मात्र मांग बच्ची के साथ किये कृत्य के लिए अपराधी को मिले सजा को पूरा करते हुए हर प्रकार के विरोध के बीच सही दिशा में जाँच का परिणाम रहा कि जिस तथ्यों के भरोसे दुर्ग पुलिस ने मासूम बच्ची के चाचा को आरोपी बनाया उस पर डीएनए रिपोर्ट की मुहर लग गई और दुर्ग पुलिस के ऊपर उठ रहे सभी सवाल अब बेमानी हो गए .
मासूम बच्ची के माता पिता सहित परिजन जो एक समय पुलिस कार्यवाही पर भी सवाल उठ रहे थे और सीबीआई जाँच की मांग कर रहे थे वो भी अब पुलिस जाँच से संतुष्ट नजर आ रहे है . मिडिया के सवालो का जवाब देते हुए परिजनों ने डीएनए रिपोर्ट आने के बाद अब यह स्वीकार कर लिया है कि सगा चाचा ही दरिंदा है और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले .
DNA रिपोर्ट के मुताबिक मासूम से रेप की पुष्टि हुई है. रेप के दौरान बेतहाशा दर्द के चलते मासूम को कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके चलते बच्ची की जान चली गई. इतना ही नही बच्ची दर्द से चिल्ला न सके, इसलिए आरोपी चाचा ने उसका मुंह भी दबाया था. पुलिस के मुताबिक आरोपी चाचा का DNA बच्ची से मैच हो गया है.
पीड़िता की DNA रिपोर्ट आने के बाद अब ये साफ हो गया है कि बच्ची से रेप और हैवानियत करने वाला उसका चाचा ही है. दुर्ग CSP चिराग जैन ने बताया कि हमारे पास पहले भी आरोपी चाचा के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे और अब DNA रिपोर्ट आने के बाद ये पूरी तरह से साफ हो गया है कि पुलिस की जांच सही दिशा में चल रही है.
एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने बच्ची के शरीर से कई चीजों के सैंपल लिए थे, वहीं आरोपी चाचा समेत कुल 4 संदिग्धों के सैंपल भी लिए गए थे, जिसमें से सिर्फ आरोपी चाचा के सैंपल ही मैच हुए हैं. इसके अलावा बच्ची के पोस्टमार्टम की एग्जामिनेशन रिपोर्ट और खुद आरोपी का कबूलनामा भी पुलिस के पास है. इन सभी तथ्यों को कोर्ट में पेश कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी.
दरवाजा हाई खराब ए सभी को था मालुम ..
इस मामले की जांच कर रहे दुर्ग एसपी सिटी रघुनंदन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी समेत मोहल्ले के सभी लोग जानते थे कि जो कार घर के बाहर खड़ी है, उसका एक दरवाजा खराब है और यह लॉक नहीं होता. जब आरोपी ने बच्ची से हैवानियत की और मासूम की मौत हो गई तो आरोपी ने शव उसी कार की डिग्गी में छुपा दिया, ताकि सबका शक कार मालिक पर चला जाए.