दुर्ग / शौर्यपथ / एक बड़ा मामला दुर्ग निगम क्षेत्र में सामने आया है, जहां एक सरकारी राशन दुकान से लगभग 10,000 किलो चावल का गबन हुआ है। इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी और निरीक्षक की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
शासकीय जानकारी अनुसार, आईडी नंबर 431001022 वाली शासकीय राशन दुकान में मार्च और अप्रैल के बीच चावल की मात्रा में भारी अंतर पाया गया है। 31 मार्च को दुकान में 10,425 किलो चावल था, जो 1 अप्रैल को शून्य हो गया। इसके अलावा, 306 किलो नमक और 196 किलो शक्कर भी गायब हो गई।
इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी अतरी जी का कहना है कि प्रकरण बने है या नहीं जानकारी लेकर बताते है । वहीं, क्षेत्र के निरीक्षक टेकेश्वर साहू का कहना है कि उन्होंने कंट्रोलर को जानकारी दे दी है। सहायक खाद्य अधिकारी नेहा तिवारी ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
इस बीच, दुकान संचालिका संगीता चंद्राकर पर कोई कार्रवाई हुई हो ऐसा प्रतीत नहीं होता जानकारी अनुसार दुकान अभी भी संचालित हो रही है।
वहीं विभागीय चर्चा है कि 30 जून तक ऐसे ही टालम टोल की स्थिति बनती रहेगी 30 जून तक खाद्य नियंत्रक (प्रभारी) जिला दुर्ग अतरी जी शासकीय अधिकारी के रूप में सेवारत रहेंगे 30 जून को उनके कार्यकाल का अंतिम दिन है और इसके बाद वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे ऐसे में कोई बड़ी बात नहीं की किसी अधिकारी के कार्यकाल में लगभग 10000 किलो से भी ज्यादा के चावल के बारे में स्वयं अधिकारी जानकारी नहीं दे रहे हैं ऐसे में नए पदस्त कंट्रोलर के द्वारा समुचित जानकारी मिल पाएगी ऐसी उम्मीद कम ही नजर आ रही है .
कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सरकारी राशन की दुकानों में इस तरह के घोटाले आम हो गए हैं और प्रशासन की मिलीभगत से ही ऐसा संभव है।
मुख्य बिंदु:
1. चावल घोटाला: दुर्ग के एक शासकीय राशन दुकान में लगभग 10,000 किलो चावल की अनियमितता का मामला सामने आया है।
2. दुकान संचालिका संगीता चंद्राकर के अधीन संचालित दुकान में 31 मार्च 2025 को क्लोजिंग टाइम में 10,425 किलो चावल दिखाया गया था, लेकिन 1 अप्रैल 2025 को ओपनिंग टाइम में यह शून्य हो गया।
3. अधिकारियों की टालमटोल: जिला खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी और निरीक्षक जांच और कार्यवाही के बारे में जानकारी नहीं दे रहे हैं।
4. रिकवरी: विभागीय कार्रवाई के तहत दुकान संचालकों से प्रति किलो चावल के एवज में 45 रुपये की वसूली की जा सकती है, जिससे लगभग 4.5 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी हो सकती है।
5. जिलाधीश की भूमिका: देखना यह है कि क्या दुर्ग जिलाधीश महोदय अभिजीत सिंह इस मामले को संज्ञान में लेंगे और निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर जल्द से जल्द कार्यवाही करेंगे।
6. हालिया मामला: हाल ही में बिलासपुर निगम क्षेत्र में 04 पीडीएस दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे, जहां 18 लाख मूल्य के चावल और अन्य खाद्य पदार्थों में कमी पाई गई थी।