दुर्ग। शौर्यपथ न्यूज़।
साल 2022 में दुर्ग नगर निगम के अंतर्गत कार्यरत एक सफाईकर्मी की आत्महत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। वर्षों तक शांत पड़े इस दर्दनाक प्रकरण में अब आरटीआई के ज़रिए ऐसे खुलासे हो सकते हैं जो सिर्फ अफसरशाही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को कठघरे में खड़ा कर देंगे।
मृतक सफाईकर्मी ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने साफ तौर पर लिखा –
“छुट्टी नहीं दी गई... मैं मानसिक रूप से प्रताड़ित हूं…”
बताया जाता है कि उसने पारिवारिक संकट के चलते आपातकालीन अवकाश की मांग की थी, लेकिन संबंधित नगर निगम अधिकारी ने उसे महज़ तीन दिन की छुट्टी दी। इसके बाद सफाईकर्मी की मौत हो गई।
अब सामने आ रही है सबसे चौंकाने वाली बात:
उस छुट्टी आवेदन पर बाद में ‘ओवरराइटिंग’ कर दस्तावेज़ में फेरबदल किया गया, ताकि अफसरों की लापरवाही पर पर्दा डाला जा सके।
क्या पुलिस ने भी दबा दिया सुसाइड नोट?
सूत्रों का दावा है कि मृतक द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट शुरू में मौजूद था, लेकिन बाद में वह ‘रिकॉर्ड’ से गायब हो गया। अब आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह नगर निगम के दबाव में तो नहीं हुआ?
अब RTI से खुलेगा ‘दबाए गए दस्तावेज़ों’ का सच!
एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा दायर की गई सूचना के अधिकार (RTI) याचिका से इस मामले में उन कागज़ों की कॉपी मांगी गई है, जो अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए। उम्मीद है कि इससे यह साफ होगा कि किस स्तर पर लापरवाही और दबाव की स्थिति बनी, जिससे यह आत्मघाती कदम उठाया गया।