मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद का ऐतिहासिक निर्णय
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की संवेदनशील पहल लाई रंग – वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
रायपुर। शौर्यपथ। नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने एक ऐतिहासिक और मानवीय निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में "एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013" की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब शहीदों के परिजनों को केवल पुलिस विभाग तक सीमित न रखते हुए, राज्य शासन के किसी भी विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने का विकल्प दिया गया है।
यह निर्णय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल और लगातार प्रयासों से संभव हो सका। उन्होंने कहा, "शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके परिजनों को विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था। अब उन्हें अपनी योग्यता और सुविधा के अनुसार विभाग चुनने का विकल्प मिलेगा, जिससे न केवल सम्मान बढ़ेगा बल्कि सुविधा भी सुनिश्चित होगी।"
पूर्व में यह व्यवस्था थी कि अनुकम्पा नियुक्ति उसी विभाग में दी जाए जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक कार्यरत था। लेकिन वर्षों से शहीद परिवारों द्वारा की जा रही इस मांग को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गंभीरता से लिया और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदृष्टि का परिणाम है कि मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह निर्णय न केवल शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि शहीदों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। इससे शहीद परिवारों को एक गरिमामय और सुविधाजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।