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ASP राजेंद्र जायसवाल के खिलाफ जांच के आदेश : स्पा सेंटर संचालकों से अवैध वसूली के आरोप, SSP करेंगे जांच, IG ने दिए सख्त निर्देश

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बिलासपुर।
बिलासपुर पुलिस महकमे से जुड़ी एक बेहद गंभीर और संवेदनशील खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित समाचारों एवं वीडियो को संज्ञान में लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (ASP – सिटी) श्री राजेंद्र जायसवाल के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जारी किया गया है, जिसमें पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक, निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त आधिकारिक पत्र के अनुसार, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो एवं आरोप सामने आए हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि स्पा सेंटर संचालकों से अवैध रूप से धन की मांग की जा रही थी। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले को हल्के में न लेते हुए उच्च स्तर पर जांच का निर्णय लिया गया है।
SSP को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), जिला बिलासपुर को सौंपी गई है। IG कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की दृश्य-श्रव्य सामग्री, उपलब्ध दस्तावेजों तथा शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की सूक्ष्म और वस्तुनिष्ठ जांच की जाए।
पूर्व में भी आई थी शिकायत
आदेश में यह भी उल्लेख है कि इससे पहले लोकेश सेन एवं अमन सेन द्वारा एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें सिविल लाइन थाना, बिलासपुर से जुड़े कुछ मामलों में कथित अवैध वसूली, दबाव एवं व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए थे। उक्त शिकायत पहले ही जांच हेतु अग्रेषित की जा चुकी है और अब उसे भी वर्तमान जांच से संबद्ध कर लिया गया है।
7 दिन में रिपोर्ट तलब
IG बिलासपुर रेंज ने SSP को निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर सभी तथ्यों की जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही, जांच में प्रयुक्त समस्त साक्ष्य, दस्तावेज एवं सामग्री को विधिवत संलग्न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
ASP स्तर के अधिकारी के विरुद्ध इस प्रकार की जांच के आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी निगाहें SSP द्वारा की जाने वाली जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग के आरोप चाहे कितने भी उच्च पदस्थ अधिकारी पर क्यों न हों, जांच से कोई भी ऊपर नहीं है।
अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में आगे कोई बड़ी कार्रवाई होती है।

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