नाली में हुए भ्रष्टाचार पर आवाज़ बुलंद करने वाले विधायक अरुण वोरा क्यों है मौन ?
दुर्ग / शौर्यपथ / एक समय था जब कांग्रेस दुर्ग नगर पालिक निगम में विपक्ष की भूमिका में थी और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार थी तब अगर शहर में कही निर्माण में भ्रष्टाचार की बू आती तब शहर विधायक निगम के कांग्रेसी पार्षदों सहित निगम में धरना प्रदर्शन कर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर आन्दोलन तक करते थे कई बार निगम मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर भी धरना दे चुके है . विगत वर्षो में ऐसे ही एक मामले में वार्ड नम्बर ४२ में नवनिर्मित नाली के टूट जाने पर कांग्रेसी पार्षदों ने दुर्ग विधायक अरुण वोरा के नेत्रित्व में इस मामले को उठाया था किन्तु आज स्थिति विपरीत है आज निगम में सत्ता कांग्रेस की है और प्रदेश में सत्ता भी कांग्रेस की है किन्तु आज भी निगम में भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर है किन्तु अब निगम के अनुभवी पीडब्ल्यूडी प्रभारी अब्दुल गनी मौन है दुर्ग विधायक अरुण वोरा मौन है वो भी तब जब भ्रष्टाचार की गंध उस जगह से आ रही है जहा निगम की कांग्रेस की निगम सरकार के मंत्रियो का कार्यालय है बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रभारी अब्दुल गनी मौन है .
मामला है एमआईसी भवन के संधारण का ...
दुर्ग नगर पालिक निगम में कांग्रेस की सरकार बनते ही नगर पालिक निगम से एमआईसी भवन के के साज सज्जा का कार्य आरम्भ हुआ , जो कोरोना आपदा में भी बदस्तूर जारी रहा इस कार्य में संधारण मद से डेढ़ लाख के निविदा में एमआईसी भवन का पुताई कार्य करने के लिए दो निविदाये आमंत्रित हुई इस प्रतियोगिता के समय में भी एक निविदा ६ प्रतिशत निविदा रेट से ऊपर तो २ प्रतिशत निविदा रेट से निचे आमंत्रित हुई नियम तो ये कहता है कि निविदा प्रपत्र स्पीड पोस्ट से होनी चाहिए किन्तु यहाँ साधारण कुरियर से प्राप्त निविदा भी स्वीकार्य की गयी . प्राप्त जानकारी के अनुसार एमआईसी भवन में जुलाई २०२० तक सिर्फ डेढ़ लाख की निविदा पोताई के लिए ही निकाली गयी किन्तु विगत माह जुलाई से पहले ही एमआईसी भवन में पोताई , वालपेपर , कांच के दरवाजे / खिड़की आदि का कार्य हो गया किन्तु किस मद से हुआ इसकी जानकारी निगम के एमआईसी विभाग के पास भी नहीं है इस बारे में जब इंजिनियर सोमैय्या से जानकारी चाही गयी तो उनके कथन के अनुसार सरे कार्य की देखरेख ईई गोस्वामी को होने की बात कही गयी . एक बार फिर ईई गोस्वामी द्वारा बिना निविदा के मनचाहे ठेकेदार से बिना निविदा के कार्य की बात सामने आ रही है पूर्व में भी प्रभारी ईई गोस्वामी द्वारा बिना निविदा के मनचाहे ठेकेदार से कार्य की बात आ चुकी है . ईई गोस्वामी द्वारा लगातार मनचाहे ठेकेदार से बिना निविदा के कार्य की जानकारी मिलने के बाद भी ईई मोहनपूरी गोस्वामी के कार्यो की जाँच ना तो निगम के प्रशासनिक मुखिया आयुक्त बर्मन द्वारा करवाई जा रही है , ना ही विपक्ष में छोटे छोटे भ्रष्टाचार पर आवाज़ उठाने वाले दुर्ग विधायक अरुण वोरा द्वारा किसी तरह के कोई कदम उठाये जा रहे है और ना ही अनुभवी और वरिष्ठ पार्षद एवं एमआईसी प्रभारी अब्दुल गनी द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की अनुशंषा की गयी जबकि यह सारा कार्य उस भवन में हुआ जिस भवन में पीडब्ल्यूडी प्रभारी का कार्यालय है और जिसकी सज्जा प्रभारियो की पसंद के रंग से हुई है