दर्जनों डंपर, जेसीबी और चैन माउंटिंग मशीन से चल रहा काम, सूचना के बाद भी खनिज विभाग मौन
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार अपने वादों को पूरा करने का प्रयास कर रही है, लेकिन कुछ विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और निष्क्रियता शासन की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। दुर्ग जिले में अवैध खनन और परिवहन के लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
हाल ही में एक और मामला सामने आया है, जहां ग्राम कोड़ियां, विकासखंड धमधा में खेत को तालाब बनाने के नाम पर 8 से 10 फीट तक गहरी खुदाई कर मुरम मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में दर्जनभर 12 चक्का डंपर, दो जेसीबी और एक चैन माउंटिंग मशीन लगातार लगी हुई हैं, और बड़े पैमाने पर मुरम/मिट्टी का परिवहन किया जा रहा है।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले की शिकायत क्षेत्र के एसडीएम तक भी पहुंचाई गई थी। एसडीएम द्वारा इस संबंध में खनिज विभाग को सूचना देने की बात कही गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक खनिज विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में भारी मशीनों और डंपरों से कार्य खुलेआम चल रहा है, इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है।
चगोरी में भी 35 एकड़ जमीन पर मुरम /मिट्टी पाटने का मामला
इससे पहले भी हमारे समाचार पत्र द्वारा ग्राम चगोरी के पास लगभग 35 एकड़ जमीन पर हजारों गाड़ियों से मुरम / मिट्टी पाटने के मामले को प्रमुखता से उठाया गया था। इस कार्य की सूचना संबंधित विभागीय अधिकारियों को देने के बावजूद आज तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जबकि कार्य वर्तमान समय में भी जारी बताया जा रहा है।
राजस्व को हो रही भारी हानि
खनिज विभाग की निष्क्रियता के कारण न केवल अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि शासन को राजस्व की भारी हानि भी उठानी पड़ रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर खनिज विभाग इन मामलों पर कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है?
क्या कलेक्टर लेंगे संज्ञान?
अब देखने वाली बात यह होगी कि दुर्ग कलेक्टर इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर ग्राम चगोरी में 35 एकड़ भूमि पर हुए मुरम/मिट्टी पाटने से हुए राजस्व नुकसान तथा ग्राम कोड़ियां में खेत के नाम पर चल रहे अवैध खनन और परिवहन पर क्या कार्रवाई करते हैं।
या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा, और विभागीय अधिकारी जिलाधीश को गुमराह करने में सफल हो जाएंगे — यह आने वाला समय ही बताएगा।